कई मरीज अन्य जगहों पर अपना इलाज करा रहे हैं। शराब के सेवन से मौत की सूचना पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन आजमगढ़ के एसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। दो लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हिरासत में लिए गए लोगों में गुड्डू पुत्र मोती व मोती लाल पुत्र रामदेव शामिल हैं। दोनों क्षेत्र के पुराने अवैध शराब कारोबारी हैं।
वीडियो बना रहे लोगों पर गिरी एसपी की गाज
घटना की जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी पहुंच गई थी। कुछ मीडियाकर्मी व जनसामान्य मौके पर फोटो व वीडियोग्राफी कर रहे थे। जिस पर एसपी सुधीर कुमार सिंह भड़क उठे और कई लोगों का मोबाइल छीन लिया। जिसमें दो समाचार पत्रों के स्थानीय प्रतिनिधि भी शामिल रहे। इसके साथ ही गालियां देते हुए लोगों को मौके से खदेड़ा गया। एसपी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिला।
पुलिस की शह पर होती थी बिक्री
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस की शह पर ही यह धंधा चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने बकायदा एक दिन की बिक्री का एक हजार रुपये रेट तय कर रखा था। इतना ही नहीं लोग यह भी कह रहे हैं कि यदि स्थानीय शराब की दुकानों की पड़ताल कराई जाए तो सभी के स्टॉक खाली होंगे। जब दुकान बंद थीं तो शराब का स्टॉक कैसे खत्म हो गया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। जांच होगी तो अपने आप खुलासा हो जाएगा कि बंदी के बाद भी अवैध रूप से देशी शराब की बिक्री की गई और जब स्टॉक खत्म हो गया तो अवैध शराब बेची गई। जिससे यह घटना हुई।