बीनापारा में मुफ्ती अबुल बशर के घर में बंद ताला, बाजबहादुर मुहल्ले में जिशान के और बदरका में सैफुर रहमान के घर के बाहर सन्नाटा।
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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद जनपद के दोषी पाए गए लोगों के घरों और गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों का कहना था कि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। ज्यादातर दोषियों के घरों पर ताला बंद मिला। कुछ के परिवार के सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई तो वे कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए।
बीनापारा में अबुल बशर और मो. सैफ के घर में बंद मिला ताला
सरायमीर। संजरपुर गांव में मो. सैफ के घर किसी का पता नहीं था। घर के दरवाजे पर ताला बंद था। वहीं, बीनापारा में अबुल बशर के घर के दरवाजे पर भी ताला लटकता मिला। जबकि आरिफ मिर्जा नसीम का भाई अमिरू संजरपुर बाजार में मोबाइल फोन की दुकान पर ग्राहकों को निपटाने में व्यस्त दिखा। फैसले के संबंध में पूछे जाने पर उसने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।