गंभीरपुर के मदारपुर गांव में हुई हत्या के मामले में चार लोगों दोषी मानते हुए शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र ने उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर नब्बे हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जो चारों को मिलकर चुकाना होगा।
मदारपुर इस्लामिया मदरसा के समीप 26 जुलाई 2013 की रात लगभग आठ बजे मोहम्मद आकिब रोजा इफ्तार करके चाय की दुकान पर बैठा था। तभी कुछ लोगों ने आकिब की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में मृतक का भाई मोहम्मद आबिद ने गंभीरपुर थाने में गांव के चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में कहा था कि गांव के अब्दुल रहमान उर्फ शब्बू, अब्दुल वदूद, कादिर, नियाज प्रधान पुरानी रंजिश में गोली चलाई, जिससे आकिब घायल हो गया। नियाज ने भी गोली चलाई, जो पास में बैठे जमील अहमद के सामने से गुजर गई। घायलावस्था में आकिब को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में गंभीरपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
सत्र परीक्षण के दौरान इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पीयूष त्रिपाठी और सहायक शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार शर्मा ने कुल 11 गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया। गवाहों में इस मुकदमे का वादी मोहम्मद आबिद, जमील अहमद, मोहम्मद आमिर, डा.सिद्धार्थ शंकर, डा.टीएन वर्मा, डा. सुरेश सिंह,डा.राजनाथ, विवेचक शिव कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक रामकृत राम, कास्टेबुल महेंद्र कुमार शामिल थे। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद चारों हत्यारोपियों को दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।