आजमगढ़। कन्नौज में लेखपाल के साथ वकीलों द्वारा की गई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को दूसरे दिन भी लेखपालों ने जिले की सभी तहसीलों पर धरना दिया। लेखपालों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि यदि मांग पूरी न हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
तहसील सदर में लेखपाल संघ के धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रामानुज श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपालों को शासन द्वारा संचालिक कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रदान न किया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कन्नौज में हुई घटना को लेकर मार्टीनगंज तहसील में लेखपाल धरना दे रहे थे, उस दौरान धरने में अवरोध उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, इसकी संघ घोर निंदा करता है। धरने की अध्यक्षता सुरेंद्र पांडेय ने किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार नगर इंद्रमणि तिवारी, राजस्व निरीक्षक अरिंद सिंह, अमित पांडेय, राजदेव मौजूद रहे। फूलपुर संवाददाता के अनुसार तहसील में गुरुवार को भी लेखपालों ने धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। शकील अहमद, शिवशंकर सिंह, समरजीत यादव, गोरखनाथ यादव, अनिल कुमार सिंह, महेश कुमार, शिवशंकर, अखिलेश, अमरजीत, योगेंद्र यादव, शबेनूर, संतोष कुमार सिंह थे।
मार्टीनगंज में धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह और जिला मंत्री पंकज अस्थाना भी सम्मिलित हुए।कहा कि इस प्रकार की घटना कुछ अधिवक्ताओं की दूषित मानसिकता का परिचायक है। कृष्ण कुमार यादव ने प्रस्ताव पारित किया कि हम लेखपाल किसी भी प्रर्थना पत्र यथा हिस्सा प्रमाण-पत्र, वारिस प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र किसी अधिवक्ता से सीधे तौर पर लेकर नहीं बनाएंगे।ज्ञापन तहसीलदार प्रेम कुमार राय को सौंपा। अंजनी तिवारी, सुजीत कुमार मौर्य, साधना सिंह, डाली, ममता, आशुतोष सिंह, चंदन कुमार थे। लालगंज में अशोक कुमार यादव के नेतृत्व धरना-प्रदर्शन किया। सौरभ कुमार उपाध्याय, कैलाश सिंह, अशोक कुमार सिंह, रेनू सिंह, पूनम चौहान, निधि, सविता, जागृति पांडे थीं। निजामाबाद तहसील में राजबहादुर यादव अध्यक्ष धरना-प्रदर्शन किया। लालधर यादव, सुशांत गौतम, लालबिहारी, रमाशंकर, श्रद्धा अस्थाना, मोहम्मद यूनुस थे। बूढनपुर में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रेम प्रकाश यादव, सदानंद मिश्र, नरेंद्र बहादुर यादव, विजय कुमार वर्मा थे।