मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के चमावां गांव में अंजुमन फरोगे अजा की ओर से 14वीं को निकालने वाली अमारी मंगलवार को कोविड-19 के चलते नही निकला। इस दौरान घरों में नौहा मातम और मजलिस कर कर्बला में शहीद इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया।
मौलाना ने तकरीर में कहा कि फरशे अजा एक बदलाव का नाम है। इस पर बैठकर मजलिस सुनने से कई तरह की हमें सीख मिलती है। इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब ने ही फरशे अजा बिछा कर यह बताया था कि इमाम हुसैन ने कर्बला में अपनी शहादत देने का क्या मकसद था। यही वजह है आज पूरी दुनिया में हजरत अब्बास का परचम बिना किसी रुकावट के निकाला जाता है। अंजुमन के सचिव रजिउल हसन ने बताया कि अगले साल अगर माहौल ठीक रहा तो बड़े पैमाने पर अजादारी की जाएगी। हम सभी सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन का सम्मान करते हैं।