आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने तहसील सदर के अमिलो में फर्जी एवं कूटरचित ढंग से जमीन का रकबा बढ़ाए जाने, वक्फ और बंजर खाते की जमीन को अभिलेखों में कतिपय लोगों के नाम करने के प्रकरण में अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी को दिए हैं। साथ ही कहा कि बढ़ाए गए रकबे को तत्काल दुरुस्त कराएं। वक्फ की जमीन को वक्फ सम्पत्ति एवं बंजर खाते की भूमि को पुन: बंजर खाते में दर्ज किया जाए।
तहसील सदर के नेवादा अमिलो निवासी बेलाल पुत्र अब्दुल बाकी ने शिकायत की थी कि कतिपय लोगों ने तत्कालीन लेखपाल से मिलीभगत कर गांव के गाटा संख्या 619 व 620 का क्षेत्रफल बढ़ाकर तथा गाटा संख्या 599 व 563 में फर्जी प्रविष्टि कराकर भूमि को अपने नाम करा लिया है। मण्डलायुक्त मामले की जांच अपर आयुक्त (न्यायिक) अनिल कुमार मिश्र से कराई। अपर आयुक्त ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि जोत चकबन्दी आकार पत्र 45 के गाटा संख्या 619 में रकबा 0.104 हेक्टेयर अंकितथा। इसमें 0.070 हेक्टेयर बढ़ाकर कुल रकबा 0.174 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसी प्रकार खाता संख्या 761 में गाटा संख्या 620 का रकबा 0.127 हेक्टेयर था। इसमें 0.029 हेक्टेयर अधिक बढ़ाकर कुल रकबा 0.156 हेक्टेयर अंकित कर दिया गया है। अमिलो के खाता संख्य 1252 में गाटा संख्या 599, रकबा 0.029 हेक्टेयर बंजर खाते में दर्ज था। उक्त भूमि को तत्कालीन लेखपाल ने नदीम अहमद, फहीम अहमद, नईम अहमद व आरिफनसीम पुत्र अब्दुल अजीज के नाम अंकित कर दी। इसी प्रकार गाटा संख्या 563 जिसका रकबा 0.893 हेक्टेयर वक्फ की सम्पत्ति है। इसकी वरासत नहीं की जा सकती है। इस आराजी पर वक्फ बोर्ड की तरफ से मुतवल्ली की नियुक्ति की जानी चाहिए थी। ऐसा न करके उक्त वक्फ सम्पत्ति को ग्राम नेवादा निवासी परेवज अहमद पुत्र अब्दुल बाकी व समीउल्लाह पुत्र अब्दुल मजीद, नदीम अहमद, फहीम, नईम अहमद, आरिफ नसीम पुत्र आजी अब्दुल अजीज और अस्मा खातून समीउल्लाह निवासी ग्राम अमिलो के नाम अंकित कर दिया गया। सारी फर्जी प्रविष्टियां तत्कालीन लेखपाल मुराली यादव ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के ही अंकित की हैं। लेखपाल की मौत हो चुकी है।
कमिश्नर बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी को निर्देशित किया कि गांव चकबन्दी प्रक्रिया के अधीन है। इसलिए तत्कालीन लेखपाल की गलत एवं फर्जी प्रविष्टियों को अपने स्तर से तत्काल निरस्त कर वास्तविक अंकन किया जाए। साठ-गांठ करके फर्जी एवं कूटरचित ढंग से प्रविष्टियां कराकर अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर एक सप्ताह के अन्दर अवगत कराएं।