यात्री भागते हुए पूछताछ काउंटर पर गए जहां पता चला ट्रेन निर्धारित समय से दिल्ली के लिए रवाना हुई है। जिससे यात्रियों के होश ही उड़ गए। कंफर्म टिकट वाले की ट्रेन तो छूटी ही रिफंड भी नहीं मिला। स्टेशन अधीक्षक डीबी सिंह ने बताया कि एनटीईएस रेलवे का अधिकृत एप है। बाकी एप रेलवे से अधिकृत नहीं हैं। पूरे मामले से उक्त एप पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं कुछ ने इस एप को लेकर रेल मंत्रालय को ट्वीट किया है।
इंटरनेट के भरोसे रहे तो एसी बस से आप सफर नहीं कर सकेंगे। कारण कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नो बस सर्विस दिखाने लगा है। जिससे यात्री ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं। जबकि जिले से होकर वाराणसी, दोहरीघाट, गोरखपुर, मऊ व बलिया के लिए कुल 12 बसों का संचालन हो रहा है।
पिछले कई दिनों से परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही एसी बसों की सुविधाओं का लाभ यात्री नहीं ले पा रहे हैं। कारण कि वह घर बैठे ही इंटरनेट से बसों के टिकट बुक करने के लिए सीट चेक करते हैं लेकिन उन्हें ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नो बस सर्विस दिखाने लगता है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वह विवश होकर जनरल बसों में सफर कर रहे हैं। आरएम वीके सिंह ने बताया कि रोडवेज ने अपनी एसी बस सेवाएं बंद नहीं की है। रिजनल से कुल 12 बसों का संचालन हो रहा है। इसकी बुकिंग भी यहां से हो रही है। अब यह जानकारी मुझे नहीं है कि ऑनलाइन साइट पर क्या शो कर रहा है। यात्रियों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। वह रोडवेज पर आकर एसी बसों का सफर कर सकते हैं।