आजमगढ़। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति के बीच जब जनप्रतिनिधियों ने इन अस्पतालों को गोद लेने की पहल की तो बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीदें लोगों ने लगा लीं, लेकिन जनप्रतिनिधि अस्पतालों को गोद लेकर भूल गए हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी सीएचसी और पीएचसी के हाल ज्यों का त्यों है। कई ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां मरीजों को सुविधाएं नहीं के बराबर मिल रहे हैं। बावजूद इस पर गोद लेने वाले जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जा रहा है। जबकि गोद लेते समय बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे जो आज तक पूरी नहीं हुए।
सीएचसी कोल्हूखोर पर कर्मचारियों की कमी
जहानागंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हुखोर को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने गोद लिए था। गोद लेते समय व्यवस्था को सुदृढ़ रखने का दावा तो किया लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। जबकि स्वस्थ्य केंद्र परिसर में मिट्टी पटाई, सड़क निर्माण, नाली निर्माण व लाइट की व्यवस्था करनी थी। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्त भी होनी थी लेकिन आज तक नहीं हो सकी। यहां कर्मचारियों की भारी कमी है। सीएचसी प्रभारी डा. धनंजय पांडेय ने बताया कि यहां पर तीन वार्ड ब्वाय, तीन स्वीपर, तीन वार्ड आया होनी चाहिए लेकिन यहां तीनों एक-एक हैं। गोद लेने के बाद कोई काम नहीं हुआ है। इस संबंध में पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा हरेंद्र सिंह ने कहा कि अभी सीएचसी पर टीकाकरण कराने वालों की काफी भीड़ उमड़ रही है। जिसके कारण किसी से बात करना भी मुश्किल हो रहा है। हमने गोद लिया है तो हम यहां की व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त बनाने में लगे हैं। लेकिन अभी इसमें एक महीने का समय लगेगा।
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पीएचसी निजामाबाद पर अव्यवस्था का अंबार
निजामाबाद। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निजामाबाद को पूर्व सांसद नीलम सोनकर ने गोद लिया था। उस दौरान यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा किया गया था लेकिन लेकिन कोई कार्य नहीं किया गया। यहां अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है। बाउंड्रीवाल न होने से पशु अस्पताल परिसर में घूमते हैं। जन निकासी की व्यवस्था न होने से स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बारिश का पानी जमा हो जाता है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। कुत्ता काटने के बाद यहां लोगों को इंजेक्शन की भी सुविधा नहीं मिलती है। मरीज या तो प्राइवेट में जाएं या फिर रानी की सराय ब्लाक पर जाएं। जबकि यह स्वास्थ्य केंद्र उप जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने है। जनप्रतिनिधि द्वारा कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। भाजपा की पूर्व सांसद नीलम सोनकर ने कहा कि कुछ घरेलू समस्या के कारण गोद लेने के बाद भी इसके विकास की ओर मैं ध्यान नहीं दे पाई। लेकिन जल्द ही निजामाबाद नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं में आपको सुधार देखने को मिलेगा।
तहबरपुर। क्षेत्र के कोइनहां में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आज भी सुविधाओं का टोटा है। कहने को तो भाजपा के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने इसे गोद लिया है और यहां पर तमाम सुविधाओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है। लेकिन आज तक उनके निधि या शासन की तरफ से कोई धन मुहैया नहीं कराया गया है। आज भी वहां पर न तो कोई रेगुलर डॉक्टर और ना ही कोई स्टाफ है। मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं का जिम्मा है। उस पर से इस समय मच्छर जनित रोगों से लोग पीड़ित हैं। डेंगू बुखार, खांसी, और वायरल फीवर से एक बड़ी आबादी ग्रसित है। एमएलसी के गोद लेने के बाद भी यहां सुविधाओं का कोई विस्तार नहीं हो सका है।
इस संबंध में एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि कोइनहां में तीन स्टाफ के तैनाती की सूचना मुझे प्रमुख सचिव द्वारा दी गई है। मैं वहां पर जा नहीं पाया लेकिन मेरे निर्देश पर वहां साफ-सफाई आदि का कार्य कराया जा रहा है।