आजमगढ़। हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान द्वारा संगीत एकेडमी परिसर में दो दिवसीय कजरी महोत्सव का बृहस्पतिवार को आगाज हुआ। कलाकारों ने पावस के गीतों से वातावरण में हरियाली ला दी।
अशोक श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, उमा इस्टीट्यूट के डायरेक्टर आरपी शुक्ला, संजय पांडेय, पं शंभूनाथ मिश्र, सपना बनर्जी, शरद पांडेय, प्रभात सिंह लल्ला, यशवंत सिंह ने मां सरस्वती व प्रमोद मिश्र के प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गोरखपुर की कोमल मौर्या हीना ने ‘रिमझिम बरसे ला हो सवनवां’, ‘प्रियतम गए परदेश’, ‘सावन झरी लागे, पिया कजरी सुनाईदा’ से पावस के रस की बारिश की। शाह आलम ने ‘कइसे खेले जइबू सावन की कजरिया, बदरिया घेरी आई ननदी’, अरविंद शर्मा मधुकर ने ‘अरे रामा कृष्ण बने मनिहारिन पहिर लिन्ही साड़ी ए हरी’ जैसी कजरियां सुनाईं। गुड्डू राय ने कव्वाली से ‘तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी’ से माहौल बदला। हरिहरपुर घराने के बाल कलाकार मास्टर कृष्णा व गोपाल मिश्र ने ‘सजा दो घर को गुलशन सा व छोटी-छोटी गईया छोटे-छोटे ग्वाल’ आदि भजन सनाए। अभिनव मिश्र ने ‘बदरा धीरे धीरे आवेला’ और रूद्राक्ष मिश्र ने ‘बरसन लागी बदरिया रूम झूम के’ सुनाया। रोशनी गोड़ ने राग मालकौंस में बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल पेश किया। हारमोनियम पर पंडित संत लाल मिश्र, तबले पर अभिनन्दन मिश्र ने संगत किया गया। राहुल मिश्र, नितीश मिश्र, आदर्श मिश्र, शंभू नाथ मिश्र ने भी कजरियां सुनाईं। तबले पर संगत संगीत मिश्रा, सांरगी पर पंडित मोहन लाल मिश्र ने उनका साथ दिया। समापन पंडित ललित दुबे के गायन से हुआ। संचालन राजेश रंजन ने किया। संस्था निदेशक अजय मिश्र, अध्यक्ष राजेश मिश्र, कोषाध्यक्ष उदशंकर मिश्र, संगठन मंत्री हृदय मिश्र, सूचनाधिकारी दुर्गेश मिश्र, मीडिया प्रभारी विशाल मिश्र, उपसचिव दीपराज मिश्र आदि उपस्थित थे।