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यूपी के जिला अस्पताल का हाल: ग्लूकोज चढ़ाने के लिए नहीं था स्टैंड, नाना के इलाज के लिए मासूम घंटों बोतल लेकर खड़ी रही

Sun, 26 Sep 2021 06:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ जिला अस्पताल में बोतल स्टैंड न होने पर डॉक्टर ने मासूम के हाथ में बोतल थमा दी और वह बोतल लेकर घंटों खड़ी रही।
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ग्लूकोज की बोतल लेकर खड़ी बच्ची। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला अस्पताल में एक मासूम बच्ची को अपने नाना के इलाज के लिए बोतल स्टैंड बनकर खड़ा होना पड़ा। अस्पताल में स्टैंड न होने की वजह से बच्ची बोतल हाथ में लेकर खड़ी हो गई, और नाना को ग्लूकोज चढ़ाया गया।

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जानकारी के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के बड़उसा बुजुर्ग गांव निवासी दशरथ सिंह(60) पुत्र स्व. हरिनरायण सिंह का गांव में पड़ोसी से भूमि विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद भी पड़ोसी जब विवादित जमीन पर स्थित मंदिर को तोड़ने लगे तो विवाद हो गया और पड़ोसियों ने लाठी डंडे से हमला बोल दिया। इसमें दशरथ सिंह घायल हो गए।

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छह साल की मासूम को बना दिया बोतल स्टैंड
परिजन उन्हें इलाज के लिए लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर ने देखा और ग्लूकोज की बोतल लगा दी। लेकिन बोतल टांगने के लिए स्टैंड की व्यवस्था नहीं की गई। अस्पताल प्रशासन ने बोतल मरीज की नतिनी 6 वर्षीया नैना को थमा दी और फिर चले गए।

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नाना के इलाज में मासूम नैना घंटों बोतल स्टैंड बनकर दोनों हाथों में ग्लूकोज की बोतल लेकर खड़ी रही। यह देख लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और कुछ लोगों ने फोटो व वीडियो भी बनान शुरू कर दिया। तब जाकर अस्पताल कर्मी हरकत में आए आनन-फानन बोटल स्टैंड लाकर ग्लूकोज की बोतल उस पर टांग दी।
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