आजमगढ़। पर्यावरण संरक्षण के तहत सभी प्राथमिक विद्यालय में इस बरसात के मौसम में फलदार पौधे रोपित किए जाने की योजना बेसिक शिक्षा विभाग ने बनाई। इस बाबत शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए को पत्र भेजकर सभी प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय वाटिका स्थापित करने और उसमें पांच-पांच फलदार पौधे रोपित कराए जाने का निर्देश दिया है।
शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया कि पौधरोपण के दौरान यह विशेष ध्यान दिया जाए कि प्रत्येक विद्यालयों में नींबू तथा सहजन के पांच-पांच वृक्ष अवश्य लगाए जाएं। ताकि नींबू के वृक्षों से विद्यालय में स्थापित उद्यान वाटिका की समुचित फेंसिंग, बाड़बंदी हो सके तथा सहजन की फलियों से पौष्टिक सब्जी हो सके। इसके अतिरिक्त, विद्यालय वाटिका में अमरूद, आम, पपीता, अनार, करौंदा, बेल कटहल, आंवला, नीम आदि के पौधे भी स्थानीय भूमि व जलवायु आदि को ध्यान में रखते हुए रोपित कराए जाएं। इसके लिए बीएसए ने सभी विद्यालयों में रोपित किए जाने वाले पौधों की संख्या और प्रजाति का आंकलन करने में जुट गए हैं ताकि वन विभाग से संबंधित पौधा प्राप्त किया जा सके।
बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशक का पत्र मिल चुका है। उसके आधार पर कवायद भी शुरू करा दी गई है। सभी विद्यालयों को जगह के अनुरूप आंकलन कर सूचना मांगी गई है। विद्यालय वाटिका के रूप में मुख्य रूप से नीबू, सहजन के पांच-पांच पौधे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। इसके अलावा, अमरूद, आम, पपीता, अनार, करौंदा, बेल, कटहल, आंवला व नीम के पौधे भी लगाए जाएंगे। प्रत्येक शिक्षकों को एक-एक पौधा खरीदकर अपने आवासों पर भी लगाने होंगे।