किसानों को धान बेचने के लिए भटकना न पड़े और अधिक से अधिक खरीद हो सके। इसके लिए फारमर्स प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन (एफपीओ) को भी खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे एफपीओ क्रय केंद्र खोल सकेंगे, जिनके खाते में 50 लाख की रकम मौजूद हो।
जिले में छह लाख छह हजार 562 किसानों ने दो लाख 14 हजार 459 हेक्टेयर में धान की खेती की है। फसल तैयार हो रही है और पहली नवंबर से खरीद शुरू हो जाएगी। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। खरीद एक नवंबर से 28 फरवरी तक चलेगी। पिछले वर्ष 69 हजार टन खरीद का लक्ष्य था। इस बार इसे बढ़ाकर 77 हजार 700 मीट्रिक टन कर दिया गया है। जिले में 66 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सबसे बड़ी दिक्कत है कि धान की बिक्री के लिए कम किसान पंजीकरण करा रहे हैं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने कोटेदारों के यहां पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है। साथ ही क्रय केंद्रों के अलावा जले में एफपीओ को भी धान खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी आरएमओ गोविंद उपाध्याय ने बताया कि सरकार ने एफपीओ को भी धान खरीदने की अनुमति दी है लेकिन जिले के किसी एफपीओ ने अभी इसके लिए आवेदन नहीं किया है। आवेदन मिलने के बाद जांच करके उनको क्रय की अनुमति दी जाएगी।