विश्व किडनी दिवस का आयोजन बृहस्पतिवार को किया जाएगा। जिसके जरिए किडनी की सुरक्षा के प्रति लोगों केे जागरूक किया जाएगा। जनपद की बात करें तो जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस सेंटर में प्रतिदिन 39 लोग डायलिसिस कराने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन विभाग के पास प्राइवेट में कितने डायलिसिस सेंटर संचालति हो रहे हैं। इसका कोई आंकड़ा नहीं है।
अक्सर देखा जाता है कि किडनी खराब होने के कारण लोगों की जान चली जाती है। इसका मुख्य कारण यह होता है कि समय पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। अगर समय पर इसकी जानकारी हो जाए तो इसका उपचार संभव है। हालत यह है कि जानकारी के अभाव में बहुत से लोगों की किडनी फेल हो जाती है। जिसके कारण उन्हें डायलिसिस पर रखा जाता है। जनपद के जिला अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था है। यहां पर डायलिसिस के 13 बेड हैं। जिसमें 12 बेड सीरो निगेटिव के लिए आरक्षित हैं जबकि एक बेड सीरो पाजीटिव मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। इस डायलिसिस सेंटर का संचालन हेरिटेज संस्था द्वारा किया जाता है। वाराणसी से डाक्टर आकर इसमें मरीजों का उपचार करते हैं। डायलिसिस इंचार्ज बैभव की मानें तो डायलिसिस सेंटर में प्रतिदिन कम से कम 39 मरीज आते हैं। जिला अस्पताल में तीन शिफ्टों में डायलिसिस के मरीजों को देखा जाता है।