आजमगढ़। जिले में अब गन्ने की पत्ती और पराली से गौशालाओं में छप्पर बनाए जाएंगे। किसानों को गन्ने की पत्ती और पराली खेत में न जलाकर गौशालाओं को बेचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस पत्ती और पराली से छप्पर बनेंगे। डीएम ने जिले में एक भी पराली और पत्ती जलाने की घटना न हो, इसे लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर पालन करने को कहा है।
जिले में गन्ने की पत्ती व पराली को जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए नई पहल हो रही है। गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों को जागरूक करेंगे कि वह अपने खेतों में गन्ने की पत्ती न जलाए बल्कि पत्ती को गौशालाओं को बेचें ताकि गौशालाओं में पत्ती से छप्पर बनाया जा सके । छप्पर बनने से गोवंश की जाड़ा, गर्मी और बरसात में सुरक्षा होगी। डीएम राजेश कुमार ने डीसीओ से लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर ऐसा हुआ तो गौशाला में छप्पर बनने से गोवंश को सर्दी के मौसम में बड़ी राहत मिलेगी। पत्ती और पराली गोवंश के नीचे बिछाने के काम भी आ सकेंगी।