जनपद की दस विधानसभा सीटों के लिए मतगणना का कार्य सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ। सपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रत्येक विधानसभा के सपा जनों से मतगणना केंद्रों पर नजर रखने का आह्वान किया था। इसको लेकर प्रशासन की ओर से चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक मतगणना केंद्रों का जायजा लेते रहे।
सुबह आठ बजे मतगणना दो स्थानों चकवल और बेलइसा में शुरू होनी थी। लेकिन उसके पहले ही पुलिस के जवान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए थे। प्रत्याशी और उनके मतगणना एजेंट भी पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह के आठ बजते ही सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गणना शुरू हुई। लगभग साढ़े नौ बजे पहला रूझान आया। शुरू में चकवल मतगणना केंद्र की रफ्तार थोड़ी धीमी रही लेकिन धीरे-धीरे यह रफ्तार पकड़ती गई और सबसे पहले पांच विधानसभाओं की मतगणना का कार्य यहां पूरा कर लिया गया। डीएम अमृत त्रिपाठी और एसपी अनुराग आर्य भी सपा द्वारा हर विधानसभा से 10 हजार कार्यकर्ताओं के मतगणना केंद्र पहुंचने के आह्वान को देखते हुए काफी सतर्क नजर आए। तीन लेयर में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 200 मीटर पहले ही कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया था। किसी को भी मतगणना केंद्र के आसपास फटकने नहीं दिया गया। एफसीआई गोदाम बेलइसा पर कार्यकर्ताओं को ओवरब्रिज से पहले ही रोक दिया गया था। किसी को भी मतगणना केंद्र तक नहीं जाने दिया गया। इतना ही नहीं मीडिया कर्मियों को भी रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग की ओर से मतगणना केंद्र की ओर भेजा गया।
मीडिया के लिए काफी दूर बनाया गया सेंटर
आजमगढ़। हर मीडिया कर्मियों को एफसीआई गोदाम परिसर में टेंट डालकर बैठने की व्यवस्था की जाती थी लेकिन इस बार मीडिया कर्मियों को चिल्ड्रेन कालेज परिसर में ही बिठाया गया। जिसके कारण मीडिया कर्मी खुद को लाचार महसूस कर रहे थे। डाटा समय से नहीं उपलब्ध कराए जाने के कारण मीडिया कर्मियों को परेशानी हुई।