विधान सभा चुनाव को लेकर लगातार भागदौड़ कहे विभिन्न दलों के प्रत्याशियों को परिणाम घोषित होने के बाद राहत मिली है। जीते हुए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में तो उत्साह रहा लेकिन हारे हुए प्रत्याशियों ने परिवार के साथ अपना समय बिताया और टीवी पर प्रदेश के परिणामों को देखा।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों की भागमभाग तेज हो गई थी। पहले टिकट के लिए मारामारी मची। टिकट मिलने और नामांकन के बाद प्रत्याशियों की दौड़ धूम तेज हुई। 17 फरवरी से सात मार्च तक किसी प्रत्याशी को बैठने की फुर्सत नहीं मिली। कभी जनसंपर्क तो कभी सभा और कभी बड़े नेताओं की आवभगत और बचे समय में कार्यकर्ताओं संग बैठक कर आगे की योजना बनाते रहे। सात मार्च को मतदान की भागदौड़ के बाद मंगलवार की सुबह प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली। वहीं दस मार्च को परिणाम आने के बाद जीत हार पर चर्चाएं होती रही। उसके बाद परिवार के साथ समय बिताया, टीवी देखी। काफी देर तक परिवार के साथ रहे। उसके बाद अपने समर्थकों के साथ चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि मतदान करने के लिए जनता का धन्यवाद।