आजमगढ़। जनपद के सगड़ी तहसील की लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रतिवर्ष बाढ़ की विभिषिका का सामना करती है। ऐसे में बाढ़ के दौरान खतरे को न्यून करने और लोगों को खतरे के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई है। जिसके क्रम में शासन के निर्देश पर सात जुलाई को सगड़ी तहसील के देवरांचल में माकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। सगड़ी तहसील का देवरा क्षेत्र प्रतिवर्ष बाढ़ की विभिषिका का सामना करना है। प्रतिवर्ष घाघरा नदी इस क्षेत्र के लोगों का सबकुछ तबाह करके चली जाती है। जिससे उबरने में उन्हें सालों लग जाते हैं। जब तक वह इससे उबरते हैं तब तक घाघरा एक बार फिर से तबाही मचाने के लिए दरवाजे पर दस्तक देती है। जिसके कारण उन्हें अपना घर बार छोड़कर पलायन करना पड़ता है। ऐसे में बाढ़ के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। क्योंकि बरसात शुरू हो चुकी है। ऐसे में नदी के जलस्तर में वृद्घि कभी भी हो सकती है। इसी क्रम में बाढ़ के दौरान जनहानि को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा सात जुलाई को माकड्रिल का आयोजन किया गया है।
जिसका नोडल अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह को बनाया गया है। इसके साथ ही माकड्रिल के लिए स्थानों का चिन्हांकन भी कर लिया गया है। जिसमें पंडित नगीना प्रसाद स्मारक महाविद्यालय को स्टेंजिंग एरिया बनाया गया है। बाढ़ के कारण गांव खाली कराने के लिए गांगेपुर का चयन किया गया है। महुला में डूबते व्यक्ति को बचाया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय महुला में राहत शिविर बनाया गया। इसके साथ हीसहबदिया सुल्तानपुर में चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। जहां बीमार व घायलों का उपचार किया जाएगा। बाढ़ के दौरान देवारा क्षेत्र से काफी लोग विस्थापित होते हैं। ऐसे लोग या तो महुला गढ़वल बांध पर शरण लेते हैं या प्रशासन द्वारा स्कूलों में बनाए गए राहत शिविरों में रहते हैँ। ऐसे में इन लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। जिसके लिए प्रशासन की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बाढ़ के दौरान परेशानी में फंसे लोगों की मदद के लिए जिले व तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना कर ली गई है। जिले स्तर कलेक्ट्रेट परिसर में और तहसील स्तर पर तहसील परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जहां सूचना मिलते ही तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ के दौरान पानी से घिरे गांवों स लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से 280 नावों और नाविकों की व्यवस्था की गई है। जो पानी घिरे गांवों से लोगों केे बाहर निकालेंगे।
इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर हमारी ओर से सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं जिन्हें बाढ़ आने पर सक्रिय कर दिया जाएगा। तहसील और जिले स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। साथ ही उन पर कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। संबंधित विभागों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा चुके हैं।