आजमगढ़। सगड़ी नगर पंचायत जीयनपुर में 33 पोखरियां हैं। पोखरियों पर धीरे-धीरे कब्जा होता चला गया है। जिसके कारण इनका दायरा धीरे- धीरे घटता गया। कई पोखरियां तो अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है। शिकायत के बावजूद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में कई बार तहसील प्रशासन द्वारा पोखरिया की नापी की गई, और इसको खाली कराने का फरमान भी जारी किया गया, लेकिन कुछ नहीं हो सका। हालत यह है कि कई पोखरियों का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। नगर पंचायत जीयनपुर में कुल 33 पोखरियां है। अधिकांश पोखरियों पर कब्जा हो चुका है। अजमतगढ़ रोड पर खानकाह बहरामपुर स्थित कई पोखरी पर कब्जा हो चुका है। इसकी शिकायत नगरवासियों ने अधिकारियों से कई बार की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी भूमि से अबैध अतिक्रमण हटाने के कड़े निर्देश दिए गए है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जीयनपुर के खानकाह बहरामपुर आराजी नं 314 रकबा .332 हे.की पोखरी अजमतगढ़ मुख्यमार्ग पर है। अतिक्रमण के चलते पांच बिस्वा में सिमट कर रह गई है, जिसका दायरा कभी करीब एक एकड़ क्षेत्रफल के आसपास था। कीमती होने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस जमीन पर है। कई लोगों ने जमीन पर मकान बनाकर, टीनशेड और मड़ई डालकर कब्जा कर रखें हैं। प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देश पर लोगों में विश्वास जगा था कि अब पोखरी से अतिक्रमण हट जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। नगर वासियों के घरों और बरसात का पानी पोखरियों में जमा होता था। कब्जे के चलते कई पोखरियों का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। थोड़ी सी बरसात में जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। कई मोहल्लों में पानी घरों में घुसने लगता है। सगड़ी एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि सभी पोखरियों की जल्द ही पैमाइश कराकर वहां से अवैध कब्जा हटाया जाएगा। जो लोग अवैध रूप से कब्जा किए हैं उनके विरूद्घ शासन की मंशानुसार कार्रवाई की जाएगी।