धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाने के सवाल और उनसे मिलने वाली चुनौती पर निरहुआ ने कहा कि हमें लग रहा था कि वह इतना गहन मंथन कर रहे हैं तो कुछ अच्छा निर्णय लेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि अगर आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी को किसी यादव को लड़ाना था तो आजमगढ़ और पूर्वांचल में बहुत से यादव हैं। लेकिन उन्हें अपने परिवार से बाहर कोई यादव दिखता ही नहीं है। 2022 में जनता ने उन्हें जवाब दिया था। अखिलेश यहां से नहीं लड़ रहे हैं यह उनका निर्णय सही है। क्योंकि वह अगर लड़ते और जीतते तो फिर सीट खाली कर चले जाते। इसके कारण फिर उपचुनाव होता।
पिछले चुनाव में निरहुआ ने धर्मेंद्र यादव का कैरियर खत्म करने का आरोप अखिलेश पर लगाया था। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि धर्मेद्र कहीं से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं फिर उन्हें यहां क्यों भेजा जा रहा है। रही बात गुड्डू जमाली के सपा में जाने की तो किसी एक व्यक्ति के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।