आजमगढ़। मेंहनगर तहसील क्षेत्र के देवकली गांव निवासी रुद्र प्रताप सिंह उर्फ लकी आजमगढ़ जिला जेल में बंद था। शनिवार को हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे बीएचयू में इलाज के लिए भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जेल में रुद्र प्रताप से पैसे की मांग की गई न देने पर उसे मारापीटा गया। आरोप है कि मृतक के शरीर पर चोट का निशान है। इसलिए परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया।
मृतक रुद्र प्रताप सिंह के पिता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जेल प्रशासन धन उगाही को लेकर हत्या कर दिया। आरोप है कि जेल में रुद्र से पैसे की मांग की जा रही थी। वह कोई अपराधी नहीं था। मामूली झगड़े को लेकर पुलिस ने उसे बड़े-बड़े मुकदमे में फंसा कर उसे अपराधी बना दिया। पहली बार भी कुछ नहीं किया था उसे अपराधी बनाया गया। दूसरी बार वह जब छूट कर आया तो पुलिस ने बिना वजह फिर उसे धाराओं में डालकर जेल में बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि बीती रात लगभग 11 बजे उनके फोन पर सूचना मिली की रुद्र की तबीयत बहुत खराब है। उसे बीएचयू में इलाज के लिए भर्ती कराया है। इसके बाद उन्हें रविवार की सुबह सिंहपुर चौकी पर बुलाया गया और कहा गया कि रुद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई है। आरोप है कि पुलिस ने इन्हें कारण नहीं बताया कि उनके पुत्र को आखिर हुआ क्या है। वहीं बड़े भाई गौरव सिंह ने बताया कि वह छह महीने पूर्व जिला कारागार में बंद था। पेशी पर कुछ दिन पहले उससे मुलाकात हुई थी तो रुद्र प्रताप ने बताया कि जेल में उनसे पैसा मांगा जा रहा है। उनका आरोप है कि उनके भाई की हत्या की गई है। उन्होंने पीएम व सीएम समेत अन्य उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मृतक रुद्र प्रताप सिंह उर्फ लकी देवकली का रहने वाला था। वह एक अपराधी प्रवृत्ति का था। बरदह थाना क्षेत्र के भीरा बाजार के रहने वाले एक व्यक्ति से रंगदारी मांगने पर चली गोली में वांछित था। जमानत से रिहा था। इसके बाद बाइक चोरी में वह जेल में बंद था।
पंकज यादव, सिंहपुर चौकी इंचार्ज।