आजमगढ़। विपणन विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। साढ़े दस करोड़ रुपये के चावल के गबन के आरोप में फंसे मिल संचालक ने फर्जी बैंक गारंटी बी लगाई थी। विपणन विभाग के मार्केंटिग इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश शर्मा ने राइस मिल संचालक के खिलाफ शनिवार को बरदह थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली को वर्ष 2020-21 में धान की कुटाई के बाद चावल एफसीआई गोदाम में जमा करना था। उसने तय मात्र में चावल नहीं जमा किया तो जिलाधिकारी राजेश कुमार ने जिलाधिकारी राजेश कुमार ने भौतिक सत्यापन कराया ताकि बकाए की वसूली की जा सके। सत्यापन में चावल का स्टाक कम पाया गया। उसके बाद चावल और मिल को सील कर दिया गया था। पीसीएफ के गणक कृष्णपाल यादव ने पाया कि दस करोड़ 50 लाख 38 हजार 815 रुपये मूल्य का 3322.418 टन चावल मिल मालिक ने नहीं जमा कराया है। इस मामले में बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही आठ लाख रुपये की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली गई थी। बैंक गारंटी की जांच कराने पर बैंक ने उसे फर्जी बताया तो शनिवार को इसका भी मुकदमा दर्ज कराया गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली ने फर्जी बैंक गारंटी फर्जी पाई गई है। उस पर मार्केटिंग इंस्पेक्टर के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया गया है।