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तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद किया गया रेगुलेटर

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शहर कोलबाज बहादुर स्थित कांशीराम आवास में भरा बारिश का पानी। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। बृहस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश से शहरवासी मुसीबत में हैं। सबसे अधिक समस्या तो शहर के बागेश्वर नगर व कोलघाटवासी परेशान हैं। कारण कि आधे शहर का पानी कोलघाट होते हुए बागेश्वर नगर होकर बंधे पर बने रेगुलेटर के माध्यम से तमसा में जाता है। वहीं तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेगुलेटर को बंद कर दिया गया। जिससे आधे शहर का पानी बागेश्वरनगर व कोलघाट में जमा हो रहा है।
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मूसलाधार हुई बारिश के कारण शहर में हुए जलजमाव की समस्या का ठीकरा किसके सर फोड़े यह किसी को नहीं समझ में आ रहा है। कारण कि जितना दोषी नगर पालिका व जिला प्रशासन है, उतना ही दोषी शहर की जनता भी है। जनता ने नालों पर अतिक्रमण करते हुए अपने मकान बना लिए, तो वहीं नगर पालिका व जिला प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोई कवायद नहीं की। नाले पर हुए अतिक्रमण आज शहर के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। थोड़ी सी बारिश से जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। कारण कि नाले पर अतिक्रमण होने से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया और वह बंधे को छूते हुए बह रही है। ऐसे में नदी का पानी शहर में प्रवेश न करें इसलिए बंधे पर बने सभी रेगुलेटर को बंद कर दिए गए हैं। वहीं रेगुलेटर बंद होने से शहर का पानी नदी में नहीं जा पा रहा है। जिससे जलजमाव की समस्या से निजात मिलने का कोई आसार नहीं दिखाई पड़ रहा है। यदि नदी का जलस्तर घटेगा तो ही रेगुलेटर खुलेगा और शहर का पानी नदी में प्रवेश करेगा। इसके बाद ही शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी। नगर पालिका क्षेत्र में आज के 20 साल पूर्व जो व्यवस्था चल रही थी। आज भी उसी व्यवस्था से नगर पालिका काम चला रही है। शहर की आबादी तो बढ़ी लेकिन यहां के नाली-नालों का विस्तार नहीं किया गया। इसका नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हर कोई जलजमाव की समस्या से परेशान है।
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