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करोड़ों की लागत से बने चिकित्सक आवास में बांधी जा रही भैंसे

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विकास खंड के बढ़या में चिकित्सकों के रहने के लिए आवास और रानी की सराय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण 2008 में बसपा शासन काल में कराया गया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से हुए इस निर्माण को पूरा कर कार्यदायी संस्था पैक्सफेड द्वारा विभाग को हैंडओवर कर दिया। पीएचसी तो शुरू हो गई लेकिन चिकित्सकों के आवास खाली ही रहे। जिसके कारण स्थानीय लोगों ने इस भवन का उपयोग करना शुरू कर दिया। आज इस भवन में लोगों की भैंसें बांधी जाती हैं और भूसा रखा जाता है।
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2008 में लगभग तीन करोड़ की लागत से पीएचसी रानी की सराय और बढ़या में चिकित्सकों के लिए आवास का निर्माण कराया गया। पीएचसी तो शुरू हो गई लेकिन कोई भी चिकित्सक बढ़या मेें रहने के लिए नहीं गया। जिसका परिणाम है कि आज यह भवन पूरी तरह से वीरान है। परिसर में झाड़ झंखाड़ उग आए हैं। भवन की खिड़कियां, दरवाजे आदि गायब हो चुके हैं। भवन खाली होने के कारण लोग इसका उपयोग अपने निजी काम के लिए करने लगे हैं। कोई इसमें भैंस बांध रहा है तो कोई उसमें भूसा रख रहा है। इसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। यहां पर पूर्व में हुई चोरियों की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई जा सका है। क्योंकि विभाग का कहना है कि अभी तक यह बिल्डिंग हमें हैंडओवर ही नहीं है। जबकि कार्यदायी संस्था का कहना है कि हमने बिल्डिंग को बनाकर उसकी बाउंड्रीवाल कराकर विभाग को हैंडओवर कर दिया था।
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