आजमगढ़। समाजवादी पार्टी ने रविवार को नेहरू हाल में पिछड़ों, गरीबों, शोषितों को संविधान के अनुसार आरक्षण का लाभ देने के लिए वर्ष1978 में जनता पार्टी की सरकार में गठित आयोग के अध्यक्ष स्व. बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल की 101वीं जयंती मनाई। अध्यक्षता सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव और संचालन महासचिव हरिप्रसाद दुबे ने किया। हवलदार यादव ने स्व. बीपी मंडल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। बताया कि स्व. मंडल ने गरीबों, दलितों, शोषितों के लिए हमेशा संघर्ष किया।
इनका जन्म 1918 मधेपुरा बिहार में मुरहो गांव में हुआ। वे आजादी के बाद 1952 में विस सदस्य बने। वर्ष 1968 में अविभाजित बिहार प्रदेश के पिछड़े वर्ग के प्रथम मुख्यमंत्री हुए। उन्होंने शोषितों की लड़ाई लड़ने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। विधायक डा.संग्राम यादव ने कहा कि सन् 1990 में जनता दल की सरकार ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत पिछड़ों को आरक्षण देने का फैसला किया। सरकार में सहयोगी के रूप में शामिल भाजपा ने आरक्षण का विरोध करने के लिए लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में अयोध्या में मंदिर बनाने का नाटक किया। डा. रामदुलार राजभर ने कहा कि भाजपा पिछड़ों, दलितों के आरक्षण को समाप्त करने पर तुली हुई है।
जब भी आरक्षण देने का सवाल पैदा हुआ तब-तब भाजपा ने मंदिर-मस्जिद, धर्म व आडंबर का बवंडर खड़ा करती है। विधायक कल्पनाथ पासवान ने कहा कि आज देश में अराजकता का वातावरण है। भाजपा तानाशाह हिटलर की तरह काम कर रही है। विधायक आलमबदी आजमी ने देश की एकता अखण्डता पर बल दिया। इस मौके पर जयराम सिंह पटेल, अखिलेश यादव, सूरज राजभर, बबिता चैहान, रामआसरे चैहान, श्यामदेव चैहान, सपना निषाद, राजनरायन यादव, रणजीत राजभर, जगदीश राम, गिरीश मौर्य, भजुराम पटेल, हेमन्त पटेल, भानुमति सरोज, प्रेमा यादव आदि थी।
शिब्ली नेशनल कालेज के छात्रनेता और राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद के छात्रों ने रविवार को कुंवर सिंह उद्यान में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बीपी मंडल की जयंती मनाई। छात्रों ने उनके चित्र पर पुष्पअर्पित कर उनके योगदान को याद किया। छात्रनेता लालजीत यादव ने कहा कि स्व. बीपी मंडल की पिछड़े लोगों के लिए आरक्षण लागू कराने में विशेष भूमिका रही थी। उन्होंने पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाए जाने का काम किया। वह पिछड़े समाज के मसीहा थे। कमलेश कुमार ने कहा कि स्व. बीपी मंडल का पिछड़ों और दलितों के उत्थान में बड़ा योगदान रहा है। उसे कभी भूलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर विमला यादव, अभिषेक राजभर, बीडी कुमार, आशुतोष राजभर, आशू चौहान, हरेंद्र प्रताप, आरती मौर्या, सच्चिदानंद आदि उपस्थित रहे।