आजमगढ़। कुर्बानी का पर्व ईद उल अजहा (बकरीद) रविवार को शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। सुबह पहले अकीदतमंदों ने बकरीद की नमाज अदा किया। इस दौरान खुतबा सुना और एक -दूसरे से गले मिल बकरीद की मुबारकबाद दी। बकरीद के मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे। आला अधिकारी भी दिन भर चक्रमण करते नजर आए। संवेदनशील जगहों पर भारी मात्रा में पुलिस तैनात थी। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्षो से बकरीद की नमाज नहीं पढ़ी जा रही थी। इस बार स्थिति सामान्य होने पर
हजरत इब्राहिम की याद में मनाया जाने वाला बकरीद के पर्व पर जिले में 540 जगहों पर अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। नमाज अदा होने के निर्धारित समय से पहले ही लोग ईदगाहों में पहुंच चुके थे। बदरका स्थित ईदगाह में नमाज के लिए सुबह सात बजे से ही लोग ईदगाह पर पहुंचना शुरु हो गई थी। नमाज अपने निर्धारित समय सात बजे से शुरु हुई। सभी बड़ी ही अकीदत के साथ नमाज अदा किया। खुतबा सुन देश और कौम की सलामती के लिए दुआ मांगी। गले मिल एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों ने जमकर गुब्बारे, खिलौनों की खरीदारी की। इसके बाद देर शाम तक कुर्बानी का दौर चलता रहा। कर्बला स्थित शियां मस्जिद, दलालघाट मदरसा जमातुर्रशाद, सीताराम स्थित इमामबाड़ा, सिधारी ईदगाह में नमाज पढ़ी गई। नमाज के बाद मस्जिदों, ईदगाहों के बाहर खिलौने, गुब्बारे तथा मिठाइयां की दुकानें सजी हुईं थी, जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। इस अवसर पर जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज, एसपी अनुराग आर्य सहित अन्य अधिकारियों और नेताओं ने बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज के दौरान शहर की हर मस्जिदों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। उधर नगर पालिका के चुनाव को देखते हुए ईदगाहों के बाहर संभावित प्रत्याशी भी बकरीद पर मुबारकबाद देने से नही चुके। हर तरफ अपनी हाजिर दर्ज कराने में लगे रहे।