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लोहरा गांव में चप्पे- चप्पे पर तैनात रही पुलिस

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मुबारकपुर। कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में ईद उल अजहा का पर्व रविवार को बड़े ही अक़ीदत के साथ बनाया गया। क्षेत्र के लोहरा गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। बच्चे, जवान, बूढ़े सभी सुबह तैयार होकर और नए कपड़े पहन इत्र आदि लगाकर ईदगाहों और जामा मस्जिदों की ओर नमाज अदा करने के लिए चल पड़े। नमाज खत्म होने के बाद सभी एक दूसरे से गले मिलकर ईद उल अजहा की मुबारकबाद दिए। इसके बाद दिन भर कुर्बानी का दौर चलता रहा। खरीदे गए बकरों को बड़े अक़ीदत के साथ क़ुर्बानी पेश किए। सुरक्षा की दृष्टि से सभी जामा मस्जिदों और ईदगाहों पर पुलिस तैनात रही। तीन दिवसीय ईद उल अजहा के त्योहार पर अति संवेदनशील माना जाने वाला मुबारकपुर क्षेत्र के लोहरा गांव चार दिनों तक पुलिस छावनी में तब्दील रहता है और मुस्लिम समुदाय के लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद उल अजहा की नमाज दुगाना अदा करते है। पहले दिन लोहरा गांव जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में रहा। जिसके लिए लोहरा गांव में चप्पे-चप्पे पर भारी फोर्स की जहाँ तैनाती रही। क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह के नेतृत्व में मुबारकपुर थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह अपने हमराहियों के साथ गांव में डटे रहे। बतादें कि वर्षो पूर्व यहां बड़े पशुओं की कुर्बानी को लेकर साम्प्रदायिक विवाद हो गया था। मामला न्यायालय तक पहुंच गया था। तभी से न्यायालय द्वारा लोहरा गांव में शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से बड़े पशुओं की कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। तब से आजतक लोहरा गांव में बड़े पशुओं भैंस आदि की कुर्बानी नहीं होती है और तीन दिवसीय त्योहार के एक दिन पूर्व से ही चार दिनों तक पुलिस छावनी में तब्दील हो जाता है। रविवार को त्योहार के पहले दिन एडीएम वित्त आजाद भगत सिंह, एसडीएम जेआर चौधरी, क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह, थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह पुलिस सहित पुलिस, पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह ने बताया कि गांव में बड़े पशुओं की गिनती पुलिस प्रशासन द्वारा की जा चुकी है। 12 सब इंस्पेक्टर 40 कांस्टेबल 20 महिला कांस्टेबल के साथ ही पीएसी के जवान लगाए गए है। है
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