मुख्तार की रिमांड लेने के लिए आजमगढ़ पुलिस काफी समय से हाथ-पांव मार रही है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। 22 अप्रैल को गैंगस्टर कोर्ट में मुख्तार की वर्चुअल पेशी हुई थी। जिसमें मुख्तार ने कहा था कि मजदूर की हत्या में उसे फर्जी आरोपी बनाया गया है। जिस समय हत्या हुई थी, उस समय वह आगरा जेल में बंद था।
उसने कहा था कि पांच बार से वह मऊ सीट से विधायक है। उससे वर्तमान सत्ताधारी दल का प्रत्याशी हार गया था, जिसके चलते उसके खिलाफ शासन के इशारे पर साजिश के तहत मजदूर की हत्या में गैंगस्टर के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी बनाया गया है। इस पेशी के दौरान ही गैंगस्टर कोर्ट ने आईओ को मुख्तार से पूछताछ की अनुमति प्रदान की थी और 24 मई को सुनवाई की अगली तारीख नियत की थी।
कोरोना संक्रमण के चलते आईओ पूछताछ के लिए नहीं जा सके थे। शुक्रवार को आईओ प्रशांत श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ बांदा के लिए रवाना हो गए, जहां वे जेल में मुख्तार से पूछताछ करेंगे। ताकि 24 को सुनवाई के दौरान मुख्तार को रिमांड पर लेने के लिए मजबूत पैरवी की जा सके।
आजमगढ़ के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। रिमांड पर लेने के लिए आईओ की तरफ से अर्जी दी गई है। कोर्ट ने आईओ को पूछताछ की अनुमति पिछली पेशी के दौरान दी थी, उसी के क्रम में आईओ अपनी टीम के साथ बांदा मुख्तार से पूछताछ के लिए गए हुए है।