आजमगढ़। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया इस बार 2 फरवरी से शुरू होगी। इसके लिए जनपद स्तर के साथ-साथ विकासखंड के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बच्चों के आवेदन कराएं।
साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव प्रचार-प्रसार कर आवेदन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। आरटीई अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित हैं।
राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति राशि भी दी जाती है। प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने बताया कि शासन द्वारा जारी तिथियों के अनुसार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी और योग्य बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। साथ ही, विकासखंड अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवेदन के लिए प्रेरित करेंगे ।