इसी दौरान एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंच गई और दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। लेखपालों को रिश्वत लेते पकड़े जाने की जानकारी होते ही पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन टीम दोनों लेखपालों को अपने वाहनों में बैठा कर जीयनपुर कोतवाली लेकर चली गई।
पीछे-पीछे साथी लेखपाल भी कोतवाली पहुंच गए और लेखपाल रामायन भारद्वाज को निर्दोष बताते हुए छोड़े जाने की मांग करने लगे। वहीं एंटी करप्शन टीम जीयनपुर कोतवाली में जरूरी लिखापढ़ी करने के बाद दोनों को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई।