प्रदेश में जीका वायरस की दस्तक और स्थिति भयावह होने पर जिले की स्वास्थ्य इकाई को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग तैयारियों को चुस्त-दुरूस्त करने में जुटा है। इस दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि जीका वायरस भी मच्छर जनित रोग है। जैसे डेंगू, मलेरिया के चलते बुखार होता है। वैसे ही जीका वायरस का प्रकोप भी मच्छरों से ही फैलता है। इसके लक्षण की बात की जाए तो इसमें भी बुखार ही होता है। प्रदेश के कुछ जिलों में इस वायरस का प्रकोप काफी बढ़ गया है। जिसे देखते हुए जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी पर हर स्थिति से निपटने को लेकर तैयारियां की गई है। बुखार से पीड़ित मरीज के डेंगू, मलेरिया की जांच कराई जा रही है। यदि डेंगू-मलेरिया जांच में नहीं आता है, और उसे बुखार नहीं छोड़ रहा है तो ऐसी स्थिति में संबंधित का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। जीका वायरस के जांच की सुविधा फिलहाल जिले में मौजूद नहीं है। उन्होंने नपा प्रशासन को मच्छरों के प्रकोप से बचाव को लेकर दवाओं का छिड़काव कराने व साफ-सफाई पर ध्यान देनें को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिले में फिलहाल जीका वायरस का कोई केस नहीं है। अब तक डेंगू के कुछ केस आए है, जो पूरी तरह से स्वस्थ्य भी हो चुके है।