विवेचना के दौरान एसओ तरवां ने प्रदीप सिंह कबूतरा के महाविद्यालय और मकान को अपराध से अर्जित कमाई से बना हुआ पाया। जिस पर जिलाधिकारी को कुर्की के लिए पत्र लिखा गया। डीएम के आदेश के क्रम में सोमवार को तहसीलदार मेंहनगर के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक की टीम ने कुर्की की कार्रवाई की।
प्रदीप सिंह कबूतरा के गाटा संख्या 337 रकबा 0.023 हेक्टर आबादी खाते में बने मकान की कीमत 15.33 लाख व गाटा संख्या 590 रकबा 1.005 हेक्टर में बने महाविद्यालय की कीमत 1.04 करोड़ रुपये आंकी गई। एसपी ने बताया कि अपराध से अर्जित कमाई से प्रदीप सिंह ने मकान व महाविद्यालय का निर्माण कराया था।
महाविद्यालय का संचालन प्रदीप के भाई विनोद सिंह द्वारा किया जा रहा था। जो इंटर कॉलेज के अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन्हीं के नाम से प्रदीप से महाविद्यालय की मान्यता लेकर उसका संचालन करा रहा था।