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Action On Mafia: कुख्यात कुंटू के करीबी प्रदीप कबूतरा की 1.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क, आजमगढ़ से लखनऊ तक दर्ज हैं 19 मुकदमे

Mon, 04 Jul 2022 07:17 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, आजमगढ़

सार

कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के सहयोगी प्रदीप सिंह कबूतरा की 1.20 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया। प्रदीप  पर आजमगढ़ से लेकर लखनऊ तक कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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माफिया कुंटू सिंह के सहयोगी की संपत्ति कुर्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के आजमगढ़ में शासन-प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। माफिया मुख्तार अंसारी के बाद सोमवार को कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के सहयोगी प्रदीप सिंह कबूतरा की 1.20 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने तरवां थाना क्षेत्र के कबूतरा स्थित कॉलेज व प्रदीप के मकान को जब्त कर लिया।  

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बीते 27 जून को भी प्रदीप सिंह कबूतरा की लगभग 17.50 लाख की चल संपत्ति को पुलिस ने कुर्क किया था। प्रदीप पर आजमगढ़ से लेकर लखनऊ तक कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, चोरी, धोखाधड़ी, षडयंत्र व अवैध शराब के निर्माण व बिक्री से संबंधित गंभीर अपराध शामिल है।

शातिर अपराधी है प्रदीप सिंह कबूतरा
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि प्रदीप सिंह कबूतरा शातिर किस्म का अपराधी है। वह कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह का सहयोगी है। लखनऊ में हुए पूर्व विधायक सीपू हत्याकांड के प्रमुख गवाह की हत्या में भी शामिल था। जिसके चलते उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई हुई है।

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विवेचना के दौरान एसओ तरवां ने प्रदीप सिंह कबूतरा के महाविद्यालय और मकान को अपराध से अर्जित कमाई से बना हुआ पाया। जिस पर जिलाधिकारी को कुर्की के लिए पत्र लिखा गया। डीएम के आदेश के क्रम में सोमवार को तहसीलदार मेंहनगर के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक की टीम ने कुर्की की कार्रवाई की। 
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प्रदीप कबूतरा का बड़ा भाई चलाता था कॉलेज

प्रदीप सिंह कबूतरा के गाटा संख्या 337 रकबा 0.023 हेक्टर आबादी खाते में बने मकान की कीमत 15.33 लाख व गाटा संख्या 590 रकबा 1.005 हेक्टर में बने महाविद्यालय की कीमत 1.04 करोड़ रुपये आंकी गई। एसपी ने बताया कि अपराध से अर्जित कमाई से प्रदीप सिंह ने मकान व महाविद्यालय का निर्माण कराया था।

महाविद्यालय का संचालन प्रदीप के भाई विनोद सिंह द्वारा किया जा रहा था। जो इंटर कॉलेज के अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन्हीं के नाम से प्रदीप से महाविद्यालय की मान्यता लेकर उसका संचालन करा रहा था।
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