पवई सीएचसी पर बंद पड़ा ओटी। संवाद
जिले में कुल 23 सीएचसी संचालित हैं, लेकिन इनमें महज तीन केंद्रों पर ही सर्जन डॉक्टर तैनात हैं। एनेस्थीसिया (बेहोशी) विशेषज्ञ की स्थिति इससे भी खराब है। जिले की 23 सीएचसी में मुबारकपुर सीएचसी पर ही एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते सीजर (ऑपरेशन से प्रसव) की जरूरत वाली गर्भवती महिलाओं को सीएचसी से सीधे रेफर किया जा रहा है।
गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ समय और आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ती है।
महिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 सीजर प्रसव कराए जाते हैं। अगस्त में 321 और सितंबर में 300 सीजर प्रसव कराए गए। बिलरियागंज : सीएचसी पर सर्जन की तैनाती के बावजूद एनेस्थीसिया चिकित्सक न होने से सिजेरियन प्रसव की स्थिति में परेशानी होती आती है। सीएचसी में सर्जन के रूप में डॉ. विनोद यादव तैनात हैं। स्वास्थ्य केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चार, अगस्त में तीन और सितंबर में अब तक दो सिजेरियन प्रसव हुए हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश चंद ने बताया कि जिन सिजेरियन प्रसव की पहले से योजना रहती है, उन्हें एनेस्थीसिया चिकित्सक की उपलब्धता के अनुसार करा लिया जाता है। अचानक सिजेरियन की जरूरत पड़ने पर समस्या होती है। एनेस्थीसिया चिकित्सक मुबारकपुर से आते हैं। अहरौला : सीएचसी पर प्रतिदिन तीन से चार प्रसव कराए जाते हैं, लेकिन यहां न तो महिला विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती है और न ही सर्जन नियुक्त हैं। यहां सामान्य प्रसव कराए जाते हैं। जहानागंज : सीएचसी पर सर्जन डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से यहां महिलाओं को सीजर प्रसव का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जुलाई में 65, अगस्त में 85 और सितंबर में 80 सामान्य प्रसव कराए गए। अमिलो : जिले के एकमात्र सीएचसी मुबारकपुर में सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती है। यहां सितंबर में 196 सामान्य प्रसव कराए गए, जबकि 12 सीजर प्रसव कराए गए।
पवई सीएचसी पर बंद पड़ा ओटी। संवाद