आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय के तत्वावधान में एवं जनपद न्यायाधीश के निदे्रशन पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया गया। जिसमें आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कुल 51,413 मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण कर किया। कहा कि इसमें किसी पक्ष की हार और जीत नहीं होती है। साथ ही सिविल के मामले में कोर्ट फीस भी वापस हो जाती है। नोडल अधिकारी ओम प्रकाश वर्मा की देख-रेख में पीठासीन अधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष मुकदमों के निस्तारण में जुट गए। निस्तारण किए गए वादों के संबंध में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता ने बताया कि जनपद न्यायाधीश की अदालत द्वारा कुल 14 वाद, पारिवारिक न्यायाधीश पारुल अत्री की अदालत से 32वाद, शेख बहादुर निषाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय कोर्ट नंबर एक द्वारा 28 वादों का निस्तारण किया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय प्रज्ञा सिंह की अदालत से नौ वादों सहित कुल 69 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण से कुल 29 वाद,अपर जिला जज डीडी भारती की अदालत से दो,विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शिवचंद की अदालत द्वारा कुल 13, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नोडल अधिकारी की अदालत से तीन, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ज्ञानेंद्र की अदालत से 158, विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट रवीस कुमार अत्री की अदालत से दो, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामानंद की अदालत से एक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना की अदालत से दो मुकदमों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वार कुल 1607 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें अर्थदंड के रुप में 21,0970 रुपये की धनराशि आरोपित किया गया। इसी क्रम में पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 16 दंपत्तियों को विदा किया गया। इसी क्रम में विभिन्न बैंक ो और बीएसएनएल के प्री लिटिगेशन के 994 वादों, जिला प्रशासन द्वारा 41597 वादों का निस्तारण करते हुए 50,337327 रुपये का समझौता किया गया।