आजमगढ़। जिलाधिकारी कोर्ट से लगातार अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी जमीनों को कब्जाने के मामले में जमीन को वास्तविक रूप में दर्ज करने के आदेश हो रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को ओर से अभिलेख में इसकी अमल दरामद नहीं की जा रही है। इसका फायदा उठाकर बाद में भू-माफियाओं को पहुंचाया जाता है। जिलाधिकारी ने कर्मचारियों को तत्काल आदेश की अमल दरामद कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गांवों के अभिलेखों में कूट रचना कर फर्जी इंट्री कराने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इन मामलों में सुनवाई के बाद जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से दर्जनों मामलों में कूट रचना के आधार पर दर्ज नामों को हटाकर उक्त भूमि को ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया गया है। साथ ही आरोपी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही एसडीएम को कब्जा की गई भूमि को वास्तविक स्वरूप प्रदान करने का भी आदेश दिया है। लेकिन मंगलवार केे जब जिलाधिकारी के समक्ष यह मामला सामने आया कि उनके आदेशों की अमल दरामद नहीं कराई गई है तो जिलाधिकारी ने विभागीय कर्मचारियों को तत्काल अपने न्यायालय में दिए गए आदेशों की अमल दरामद कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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जनपद में दर्जनों ऐसे मामले में मैंने फर्जी रूप से नाम दर्ज कराने वालों का नाम काटकर उक्त भूखंड को ग्राम सभा के खाते में दर्ज कर उसकी अमल दरामद कराने का आदेश दिया गया था। लेकिन ऐसा पता चला है कि अभी तक आदेशों की अमल दरामद नहीं कराई गई है। इसके क्रम में अमल दरामद कराने का निर्देश दिया गया है।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।