आजमगढ़। जनपद के नगर निकायों में ईओ की कमी के कारण एक-एक ईओ के कंधे पर कई नगर निकायों का कार्यभार है। इसके कारण वह एकभी नगर निकाय के कार्य को सही ढ़ंग से संपादित नहीं कर पा रहे हैं। शासन की प्रमुख योजनाएं प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए शासन ने खाली पड़े नगर निकायों का कार्यभार एसडीएम को सौंपने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर एक नगरपालिका और पांच नगर पंचायतों में अधिशासी अधिकारी का कार्य एसडीएम को प्रस्ताव तैयर कर भेज दिया गया है।
नवंबर माह में नगर निकाय के चुनाव संपन्न हुए। इस चुनाव के बाद जनपद की दो नगरपालिकाओं और 11 नगरपंचायतों में नई सरकार का गठन भी हो गया। पांच ईओ पर जनपद की 13 निकायों का प्रभार होने पर जहां नगरवासी परेशान हैं वहीं, अधिशासी अधिकारियों की कमी के कारण विकास कार्य बाधित होने लगे। इसे देखते हुए शासन की ओर से जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि वह क्षेत्र के संबंधित एसडीएम को अधिशासी अधिकारी का कार्यभार ग्रहण कराएं। इसके तहत जनपद की एक नगरपालिका और पांच नगर पंचायतों में एसडीएम की तैनाती कर अधिशासी अधिकारी का कार्यभार सौंपने का निर्णय लिया। इसमें आजमगढ़ नग रपालिका का चार्ज एसडीएम सदर, नगर पंचायत अतरौलिया का एसडीएम बूढ़नपुर, मेंहनगर का एसडीएम मेंहनगर, फूलपुर का एसडीएम फूलपुर, अजमतगढ़ और जीयनपुर के अधिशासी अधिकारी का कार्य एसडीएम सगड़ी को तैनात करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। अब उस प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगने का जिला प्रशासन को इंतजार है। वहीं सूत्रों की मानें तो एसडीएम सगड़ी को अधिशासी अधिकारी का पदभार मिलने की राह में रोड़ा पड़ सकता है। क्योंकि एसडीएम सगड़ी आईएएस है और वह शासन की ओर से तैनात किए गए हैं। अगर ऐसा होता है तैनाती क्षेत्र में परिवर्तन होने की संभावना है।