नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार बेगुनाहों की रिहाई को लेकर सरकार का नजरिया और नीयत साफ है।
सरकार अपने कदम से पीछे नहीं हटेगी। इस बात की जांच कराई जाएगी कि अदालत में सरकार का पक्ष रखने में कहां चूक हुई ?
आजम खां आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार लोगों की रिहाई पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने पर प्रतिक्रिया जता रहे थे। उन्होंने कहा, बेगुनाह युवकों की रिहाई के लिए सरकार सिर्फ औपचारिकता नहीं कर रही बल्कि इसके लिए पूरी तरह गंभीर है।
सरकार की मंशा है कि निर्दोष लोग जल्द से जल्द रिहा किए जाएं। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचेगी। अदालत में प्रभावी ढंग से पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा, आतंकी को फांसी मिलनी चाहिए पर सिर्फ राजनीतिक या दूसरी वजहों से जो युवक जेल में बंद हैं, उनकी रिहाई अवश्य होनी चाहिए।
एक सवाल के जवाब में आजम खां ने कहा कि उनकी मंशा सरकारी योजनाओं में 25 फीसदी लाभ अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित कराने की है। उत्तर प्रदेश में आरक्षण का लाभ देने में संवैधानिक अड़चन है। ऐसे में इस तरह लाभ देकर मुस्लिमों को फायदा पहुंचाया जा सकता है।
दक्षिणी भारत के राज्यों के पैटर्न पर अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिलाने के मामले पर भी सरकार विचार कर रही है। 88 लोगों द्वारा गवाही से मुकर जाने और वरुण गांधी को अदालत से बरी किए जाने को उन्होंने अफसोसनाक बताया।