लखनऊ। कैंटोमेंट एरिया में बहन से शादी के इन्कार पर एक युवक ने अपने दोस्त की बेरहमी से हत्या कर शव रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट में फेंक दिया। शुक्रवार दोपहर सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया। मृतक के सिर व चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, कातिल ने लोहे के रॉड से युवक के सिर पर कई वार किए हैं। पुलिस ने ठेकेदार की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बकौल पुलिस, कातिल अपने दोस्त पर बहन से शादी का दबाव बना रहा था। इसी को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, कैंटोमेंट एरिया स्थित बूचड़ी ग्राउंड के पास सेना की बिल्ंिडग का निर्माण सिंप्लेक्स ई.लि. नामक कंपनी करा रही है। इसमें बिहार में बेतिया के साड़ी सीहपुर निवासी कबीर शाह कांट्रेक्टर है। सप्ताह भर पूर्व कबीर बिहार में बेतिया के नरकटियागंज ढेवा पकरी पोस्ट निवासी लाल बाबू व बेतिया के चनपतिया थाना के पकरिहार गांव निवासी महाजीद राय के बेटे छोटू (21) समेत कई मजदूरों को काम कराने के लिए लाया था। पुलिस की मानें तो छोटू का लाल बाबू के घर आना जाना था। इससे छोटू की दोस्ती लालबाबू की बहन से हो गई। संबंध उजागर होने पर दोनों में कहासुनी हुई। मगर, लाल बाबू बहन के आगे हार गया और उसने छोटू के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। जिसे छोटू ने दूसरी लड़की से शादी करने की बात कह ठुकरा दिया। बीते बृहस्पतिवार को इसी बात को लेकर शराब के नशे में धुत दोनों में मारपीट हुई। कांट्रेक्टर कबीर शाह ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। कांट्रैक्टर ने बताया कि इस दौरान लाल बाबू ने छोटू को जानमाल की धमकी दी थी। शुक्रवार सुबह सभी मजदूर काम पर आए। मगर, लाल बाबू व छोटू नदारद मिले। कांट्रैक्टर कबीर ने दोनों के लापता होने की सूचना कंपनी के सुपरवाइजर राजेश शाह व असिस्टेंट मैनेजर राकेश कुमार गुप्ता को दी। इस दौरान एक मजदूर ने छोटू का शव बिल्ंिडग परिसर में बने रेन वाटर हारवेस्टिंग प्लांट में होने की सूचना दी। आलमबाग पुलिस का कहना है कि छोटू के सिर पर रॉड से कई वार किए गए हैं। वहीं, पुलिस कातिल की तलाश में बस अड्डा व रेलवे स्टेशन समेत भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों की खान छान रही है। साथ ही पुलिस की टीम बिहार भेजने की तैयारी है। शक है कि आरोपी बिहार भाग गया है। वहीं, आलमबाग थाने के इंस्पेक्टर ऋषिकेश यादव ने बताया कि आरोपी का बहन की शादी को लेकर युवक से रंजिश थी।
मजदूर सहमे, आज नहीं किया काम
घटना से अन्य मजदूर सहम गए हैं। मजदूरों ने साथी की मौत की वजह से शुक्र्रवार को काम नहीं किया। उनका कहना था कि लालबाबू अपने राज किसी से नहीं बताता था। वह साथियों से भी कम बात करता था। मजदूरों का कहना है कि देर शाम 7.30 बजे लालबाबू मिला था। मगर, उसके व्यवहार से कतई ऐसा नहीं लगा कि वह इतना बढ़ा कदम उठाने जा रहा है।