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‘बेगम की तलाश में दीवानों की तरह भटके आजम’

Wed, 24 Apr 2013 08:30 AM IST
लखनऊ/सैफ हैदर नकवी
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हज यात्रा की दुश्वारियां दूर करने पर लगातार जोर दे रहे सूबे के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां बीते बरस खुद भी यात्रा की मुश्किलों से दो-चार हो चुके हैं।
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हज में तवाफ के दौरान वे अपनी बेगम से बिछड़ गए थे और बड़ी मशक्कत के बाद उन्हें तलाश पाए। आजम खां ने आपबीती के एक-एक लम्हे को सोमवार को हज कुर्रा के दौरान कन्वेंशन सेंटर में हज आवेदकों के बीच बांटा।

आजम खां ने कहा, ‘हज के दौरान छह घंटे का हर लम्हा मेरे जीवन में सबसे तकलीफदेह था। मैं बदहवास हर तरफ मदद की गुहार लगा रहा था, लेकिन मेरी सुनने वाला वहां अपना कोई न था।
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हर कोई अनजाना मेरी शिकायत पर तवज्जो देना तो दूर, बेअदबी से पेश आ रहा था। मैं एक दीवाने की तरह अपनी पत्नी को इधर-उधर तलाश कर रहा था’।

उन्होंने बताया कि काफी परेशान होने के बाद उनके पास पूर्व संसद सदस्य का कार्ड रखा था, जिसे सऊदी पुलिस को दिखा कर वे एक फोन कॉल कर सके, तब जाकर उन्हें मदद मिली।

वे छह घंटे बाद अपनी पत्नी को तलाश कर सके। इस अफसाने के साथ हज मंत्री आजम खां के चेहरे पर भारत से जाने वाले हर हज यात्री का दर्द झलक रहा था।

आम हिन्दुस्तानी की तरह हज करने का मिला सिला

हज मंत्री आजम खां ने बताया कि उन्हें तकलीफ तो बहुत हुई, लेकिन अफसोस नहीं है क्योंकि वे भारत के हर हज यात्री की परेशानियों से रू-ब-रू हो सके।

उन्होंने कहा कि इसीलिए पीएम को बार-बार खत लिख कर राष्ट्रीय महासम्मेलन में बुलावा भेजा लेकिन केंद्र सरकार की संवेदना नहीं जागी।

केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री कार्यालय की बेरुखी से इस साल राज्य हज कमेटी द्वारा किए जा रहे राष्ट्रीय हज महासम्मेलन को स्थगित करना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि इस महासम्मेलन के माध्यम से वे सऊदी अरब में हज यात्रियों की दुश्वारियों को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ चर्चा के माध्यम से बांटना व उस पर ठोस निर्णय लेना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब समय कम है, इसलिए यह सम्मेलन हज-2014 के पहले किया जाएगा।

बहुत दुश्वारियां झेलते हैं हजयात्री
आजम खां ने कहा हज के दौरान यात्रियों को तमाम मुश्किलात से गुजरना पड़ता है। हज यात्रियों को सऊदी अरब एयरपोर्ट से लेकर होटल और होटल से काबा शरीफ तक सऊदी सरकार के खादिम व पुलिस का हुक्म मानना पड़ता है।

खादिम की मर्जी से ही हजयात्री कहीं आ-जा सकता है। ऐसा न करने पर सऊदी पुलिस बदसलूकी तक पर उतर आती है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तानी हज यात्रियों की एक बिल्डिंग को तो एक खादिम ने सील तक कर दिया।

हज यात्री बाहर आने को छटपटाते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 24 घंटे बाद हज यात्रियों को आजाद किया गया। उन्होंने बताया कि आम हज यात्रियों के साथ खादिम (सेवक) का बर्ताव बहुत आपत्तिजनक होता है।
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हज यात्रियों को खाना-पानी भी खादिम से पूछ कर ही बनाना व खाना पड़ता है। उनकी बात न मानने पर वे खाना फेंकवा देते हैं।
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