प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा मिलना मेरी 40 साल की मेहनत का परिणाम है।
इसकी राह में जिन लोगों ने रोड़े अटकाए हैं वो इतिहास के पन्ने न पलटवाएं। इतिहास के पन्ने पलटे गए तो बहुत सी बातें सामने आएंगी। रामपुर के नवाब क्या थे? इस बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है। वो आजादी से पहले तक अंग्रेजों के एजेंट थे। आजादी मिलने के अगले ही दिन उन्होंने कांग्रेस की टोपी पहन ली।
आजम खां शनिवार की रात सपा कार्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। जौहर यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा मिलने पर उन्होंने इसकी मुबारकबाद रामपुर के लोगों दी।
उन्होंने कहा कि मेरा ख्वाब है कि रामपुर के हर घर का बच्चा इस यूनिवर्सिटी में पढ़े। इस यूनिवर्सिटी की राह में जिन लोगों ने रोड़े अटकाएं हैं उनको रामपुर छोड़ना पड़ेगा।