जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा बीते नवंबर में राजस्थान से रवाना किया गया श्रीराम रथ आज से अयोध्या में जन जागरुकता का काम करेगा। अभियान 22 जनवरी तक चलेगा। जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने बीते 25 नवंबर को राजस्थान के बीकानेर से भगवाध्वज फहराकर इस अमृत रथ को अयोध्या धाम के लिए रवाना किया था।
रथयात्रा का संचालन और प्रबंधन हनुमान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष तिलक दुबे कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रथयात्रा का मकसद देश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच जन जागरण करने के साथ रामलला की प्राण -प्रतिष्ठा के लिए भारत वर्ष के 75 तीर्थस्थलों के जल,मिट्टी और भक्तों के एक चुटकी अक्षत का संकलन कर अयोध्या धाम ले जाना है। बीकानेर से शुरू की गई भव्य रथयात्रा का देश भर में जगह जगह धर्माचार्यों,राज नेताओं और भक्तों की ओर से भव्य स्वागत किया जा रहा है।
प्रयागराज संगम क्षेत्र में निर्मल पंचायती अखाड़ा के संत महंत देवेंद्र शास्त्री और संत ज्ञान सिंह गुरुद्वारा पक्की संगत द्वारा भव्य स्वागत किया गया। वैदिक मंत्रों व स्वस्ति वाचन से संतों ने आराध्य का अभिसिंचन कर भोग,प्रसाद चढ़ाया।किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशिल्यानंद गिरि ने श्रीराम रथ की आरती कर पुष्प वर्षा की। इस यात्रा में वैष्णव दास महराज, संत राघवदास,रामजी पांडेय,दिनेश मौर्य,संतोष कुमार सिंह,विश्व रंजन गुप्ता शामिल हैं।
तुलसी पीठाधीश्वर पद्मविभूषण जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य का पूरे देश में जन जागरण के लिए निकला श्रीराम रथ शुक्रवार को तीर्थराज प्रयागराज के संगम तट पर पहुंचा। यहां संतों -भक्तों ने रथ की भव्य आरती कर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए।