झाड़फूंक के चक्कर में चली गई बालिका की जान
गांव में पीएचसी होने के बाद भी परिजन नही ले गए अस्पताल
परिजन बालिका का घर पर ही झाड़ फूंक कराते रहें और चली गई उसकी जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवई। घरवालों के अंधविश्वास और झाड़फूंक के चक्कर में एक बालिका ने अपने घर के आंगन में तड़पकर दम तोड़ दिया। दरअसल बालिका को खेत में सांप ने डस लिया था। घर आकर उसने जानकारी दी लेकिन परिजन उसे गांव में ही पीएचसी ले जाने के बजाय झाड़फूंक से उसका इलाज करते रहे। कुछ देर बाद उसका पिता घर पहुंचा। उसने भी बेटी को अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। नतीजा एक घंटे बाद बालिका की मौत हो गई।
मामला पटरंगा थाना क्षेत्र के पटरंगा गांव का है। गांव निवासी अच्छेलाल की 12 वर्षीय बेटी इंदु शुक्रवार शाम धान की निराई के लिए गई हुई थी। वह खेत से निकली घास को बाहर फेंक रही थी तभी एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। इसके बाद वह भागते हुए घर आई और परिजनों को पूरी बात बताई। आस पास के लोगों ने इसकी सूचना उसके पिता अच्छेलाल को दी। वह कुछ देर बाद घर पहुंचे तो देखा कि घरवाले झाड़फूंक करवा रहे थे। उसने भी बेटी को अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं बल्कि झाड़फूंक में ही लग गया। जबकि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है, जो उसके घर से चंद कदम की दूरी पर है। करीब एक घंटे बाद अपने पिता और घरवालों की लापरवाही के कारण इलाज ने मिलने के कारण इंदु ने दम दिया। इस संबंध में पटरंगा थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है।