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भूटान के पर्यटकों से ठगी: अयोध्या में जिस होटल की बुकिंग की, रामनगरी पहुंचने पर उसकी लोकेशन जयपुर में मिली

Sat, 03 Feb 2024 03:04 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

भूटान से अयोध्या दर्शन के लिए आईं पर्यटक गूमा देवी ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने 26 जनवरी को भूटान से ही बुकिंग डॉट काम से होटल का कमरा बुक कराया। होटल का नाम द थीम था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामनगरी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखकर ठगों के गिरोह भी सक्रिय हैं। होटलों की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की जा रही है। अब भूटान से आए पर्यटकों के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पर्यटकों ने अयोध्या में जो होटल बुक कराया था, वह अयोध्या में है ही नहीं। उसकी लोकेशन जयपुर में मिली। पर्यटक जब अयोध्या पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं।

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भूटान से अयोध्या दर्शन के लिए आईं पर्यटक गूमा देवी ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने 26 जनवरी को भूटान से ही बुकिंग डॉट काम से होटल का कमरा बुक कराया। होटल का नाम द थीम था। दो दिन बाद राॅबी नाम के युवक का फोन आने लगा कि आपको पचास फीसदी भुगतान करना होगा। भूटान से पेमेंट नहीं हो सकता था, इसलिए अहमदाबाद में अपने एक जानने वाले से कहकर भुगतान करा दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर मैसेज भी आया कि बुकिंग सफलता पूर्वक हो चुकी है।

29 जनवरी तक बुकिंग करने वाले युवक से बात भी हुई। बाद में उसका फोन बंद हो गया। होटल बुकिंग के लिए 6600 रुपये दिए थे। एक फरवरी को जब अयोध्या पहुंचे तो द थीम नाम का होटल ही नहीं मिला। होटल की वेबसाइट के जरिये फोन लगाया तो पता चला कि होटल जयपुर में है। काफी परेशान होने के बाद द नारायणा होटल में फिर से कमरा बुक कराया है। अभी कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई है।
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बुकिंग कराने से पहले बरतें सतर्कता
साइबर सेल प्रभारी आलोक कुमार वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग करते समय ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। पेमेंट होटल के एकाउंट नंबर पर ही करें। वह भी पूरी जांच पड़ताल के बाद। किसी निजी नंबर पर पेमेंट कतई न करें। एचटीटीएस से खुलने वाला वेबपेज अधिकृत होता है। गूगल के जरिये वेबपेज खोलें तो सत्यापन जरूर कराएं। इसके लिए प्रतिष्ठान के स्वामी को भी सजग रहने की जरूरत है। अपनी वेबसाइट की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए व्यापक इंतजाम करना चाहिए। साइबर ठगी होने पर पीड़ित तुरंत अपनी शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 या https//cybercrime.gov.in पर दर्ज करवाएं।

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