यमुना नदी के बढ़े जल स्तर की माप करते केंद्रीय जलआयोग कर्मचारी
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औरैया। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार सुबह यमुना का जलस्तर 107.5 सेंटीमीटर रहा। जबकि चेतावनी बिंदु 112 सेंटीमीटर है। हाल ये रहा कि राम झरोखा और स्नान घर घाट पूरी तरह डूब गए। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। यमुना पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन यमुना किनारे पड़ने वाले गांवों पर नजर बनाए है।
रविवार शाम यमुना नदी में तेजी से हलचल शुरू हुई तो केंद्रीय जल आयोग के कर्मी सतर्क हो गए। यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर की पल-पल जानकारी की। कर्मियों ने यमुना नदी पुल पर पहुंचकर बढ़ते जलस्तर की माप की। ये चेतावनी बिंदु से 4.5 सेंटीमीटर दूर है। बढ़ते जलस्तर के बीच भी लोग सेल्फी लेने के लिए पुल पर पहुंच गए।
यह देखकर कोतवाली पुलिस ने लोगों को पुल से हटाया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मियों ने बताया कि कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर 107.5 सेंटीमीटर पर स्थिर है। यमुना नदी किनारे लोगों के बैठने के लिए बना राम झरोखा और स्नान घर घाट पूरी तरह डूब गया है।
पहले धौलपुर से छोड़ा गया था पानी
बारिश से पहले यमुना नदी में धौलपुर से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर बढ़ गया था। इधर चार दिन तक हुई बारिश से जलस्तर और बढ़ गया। दो दिन पहले ही यमुना के जलस्तर में गिरावट आई थी। रविवार रात कोटा से पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है।