औरैया। कस्बा मुरादगंज में अयाना रोड पर जनमेजय नगरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। इस मंदिर की स्थापना राजा परीक्षित ने कराई थी। मान्यता है कि सावन में जो भक्त विधिविधान से मंदिर में आकर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह मोक्ष द्वार के रूप में जाना जाता है।
अलीपुर निवासी आचार्य राम नरेश पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार द्वापर युग में जनमेजय नगरी में विशाल सर्प यज्ञ हुआ था। तब सारे विश्व की नाग जाती नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई थी। उसी दौरान इंद्र के कहने पर तच्छक नाग को अभय दान मिला था। तब राजा परीक्षित को ज्ञान प्राप्त हुआ और उन्होंने शिवलिंग की स्थापना कराई थी। यहीं पर महर्षि वेदव्यास ने राजा परीक्षित व जनमेजय नगरी के लोगों को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया था। राजा परीक्षित इस मंदिर में पूजा करते थे।
दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं भक्त
समाजसेवी शिवनाथ सिंह पाल ने बताया कि मंदिर की महत्ता बनाए रखने के लिए कस्बा जाना निवासी तुलसा कुँवर दीक्षित ने 150 वर्ष पूर्व मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। यहां रोशनपुर, चौकी, अयाना, मुरादगंज, आगरा, कानपुर, दिल्ली, भिंड, ग्वालियर आदि जगहों से लोग सावन में सोमवार को दर्शन करने आते हैं। प्रतीक त्रिपाठी ने बताया कि यहां भक्तों की अपार भीड़ होती है। दर्शन से मनोकामना पूरी होती है।