फफूंद (औरैया)। पाता स्थित गेल प्लांट से निकली वेस्टेज पाइप लाइन में लीकेज होने से खानपुर के ग्रामीण परेशान थे। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री और डीएम को शिकायती पत्र भेजा था। सूचना पर गेल अधिकारी गांव पहुंचे थे और ग्रामीणों से जानकारी की थी। इधर, दूषित पानी की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद गेल अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को इंजीनियरों की टीम ने गांव पहुंच कर पाइपलाइन ठीक करने का काम शुरू किया।
फफूंद क्षेत्र के खानपुर गांव के पास गेल प्लांट के वेस्टेज पानी की पाइपलाइन निकली है। लाइन में तीन जगह लीकेज होने से उसका पानी आसपास भर रहा था। जिसे पीने से गांव के किसानों के पशु बीमार हो रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि गेल का दूषित पानी जलस्तर को प्रदूषित कर रहा है। जिससे हैंडपंप से दूषित पानी निकलने लगा है। इसे पीकर लोग भी बीमार हो रहे हैं। समस्या को लेकर ग्राम प्रधान अशोक चक, पूर्व प्रधान रामलखन शर्मा समेत ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी को पत्र भेजकर की थी।
मंगलवार को गेल सीएसआर के चीफ मैनेजर नवीन राजपूत ने आईओपी के इंजीनियर ब्रजेश कुमार के साथ जाकर ग्रामीणों की समस्या सुनकर जल्द निदान का भरोसा दिया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। जिसका संज्ञान लेते हुए गेल प्रशासन ने लीकेज पाइप लाइन को दुरुस्त करने के लिए बुधवार सुबह टीम को मौके पर भेजा। टीम में शामिल इंजीनियर ब्रजेश कुमार, मान सिंह व नरेंद्र कुमार ने काम को शुरू करा दिया है। गेल सीएसआर के चीफ मैनेजर नवीन राजपूत ने बताया कि पाइप लाइन को जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा।