ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में नगण्य भूमिका से वैश्य समाज उपेक्षित है। प्रदेश की आबादी का सोलहवां हिस्सा होने के बावजूद भी वैश्य समाज का शोषण किया जा रहा है। इस दौरान पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया।
डा.सुमंत गुप्ता ने कहा कि आज प्रताड़ना और उपेक्षा के चलते वैश्य समाज बहुत कमजोर हो गया है। प्रदेश सरकार से छह लाख रुपये आमदनी वाले वैश्य समाज के लोगों को पिछड़ा वर्ग में शामिल कर पिछड़े वर्ग का आरक्षण दिए जाने की मांग की।
इसके साथ ही व्यापार व उद्योग को बढ़ावा दिए जाने के लिए व्यापारी सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए। उद्योग व्यापार जगत से संबंधित 36 सरकारी विभागों को आयोग से संबद्ध किया जाए। जनपद में व्यापारी सुरक्षा सेल का गठन किया जाए, श्रम कानून तथा सैंपलिंग प्रणाली में परिवर्तन करने के साथ ही वाणिज्य कर विभाग में करों का सरलीकरण कर व्यापारी एक्ट बनाया जाए।
इसके अलावा वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारी की बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की जाए। गंभीर बीमारी से ग्रसित पंजीकृत व्यापारी के परिवार के तथा गंभीर रुप से दुर्घटना घटित होने पर बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज की निशुल्क सुविधा सरकार की ओर से की जाए। वहीं व्यापारियों के लिए 60 साल की उम्र के पश्चात भामाशाह कोष की स्थापना कर उन्हें व्यापारी वृद्धावस्था पेंशन से लाभांवित कराया जाए।
इस दौरान डा.मनोज पोरवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष ट्रेडर्स यूनियन ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय व्यापारी आयोग का गठन किया जाए, व्यापारी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की जाए, छोटे-मध्यम व मझोले स्तर का व्यापार व उद्योग संचालित करने वालों को सस्ते ब्याज दर 4-5 प्रतिशत पर 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक का ऋण सरकारी बैंकों से प्राप्त कराने की व्यवस्था की जाए।
कार्यक्रम में डा.सुभाष पोरवाल, कौशल पोरवाल, कृष्णकांत, कन्हैया, अमन गुप्ता, मोहित गुप्ता, कृष्णकांत पोरवाल, कपिल गुप्ता, आशीष गुप्ता, राघवेंद्र गुप्ता, उज्जवल गहोई, शिव अवतार पोरवाल, सोनू गुप्ता, संजीव गुप्ता, उमेश विश्नोई, आनंद नाथ गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।