थाना क्षेत्र के संजयनगर में शार्ट-सर्किट से घर में लगी आग से एक महिला की जलकर मौत हो गई। वहीं उसका पति गंभीर रूप से झुलस गया। घायल पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे थाने के पीछे संजय नगर निवासी मैजिक संचालक अरविंद के घर के ऊपरी हिस्से से लोगों ने धुआं उठता देखा। आनन-फानन आसपास के कई युवा दौड़ पड़े। इस दौरान आग बुझाने के प्रयास में अरविंद कुमार बाथम और उनकी पत्नी संध्या (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
लोगों ने बमुश्किल से उन्हें बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एनटीपीसी से फायरब्रिगेड बलाई। जब तक फायरब्रिगेड पहुंची लोगों ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां पर डाक्टरों ने संध्या को मृत घोषित कर दिया। वहीं अरविंद को जिला अस्पताल रिफर कर दिया।
अरे, कोई एंबुलेंस बुलाओ
आग लगने के समय अरविंद और संध्या घर पर थे। उनके चारों बच्चे विवेकानंद एंग्लोवैदिक स्कूल पढ़ने गए थे। बच्चे स्कूल से लौटे तो मां का शव देखकर बिलख पड़े। उन्हें अपनी मां की मौत पर एकीन ही नहीं हो रहा था। वह एक ही रट लगाए थे कोई एंबुलेंस बुलाओ, मेरी मां का इलाज कराओ। बच्चों का रोना देकर मुहल्ले लोगों की आंखे नम हो गई। अरविंद के बेटे हर्षित ने बताया कि उसके पिता पहले घर में ही स्कूल चलाया करते थे। बाद में मैजिक चलवाने लगे।
संकरे रास्ते में फंसी फायरब्रिगेड
रास्ता संकरा होने के कारण फायरब्रिगेड घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई। भले ही आग को पहले ही बुझा लिया गया हो लेकिन फायरब्रिगेड न पहुंचने के लिए लोग अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराते रहे। बाद में फायरब्रिगेड को रास्ते से ही लौटना पड़ा।