औरैया। जिले में 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण अभियान तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जिले के 32 हजार से अधिक बच्चे टीकाकरण से दूर है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी धीमे टीकाकरण की वजह स्कूल में परीक्षा, प्रैक्टिकल, छुट्टी व स्कूल में बच्चों का कम आना बताकर पल्ला झाड़ रहे है।
ज्ञात हो कि जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारियों संग बैठक कर टीकाकरण अभियान पर जोर देने की नसीहत दे चुके है। अभियान चलाकर जागरूक भी किया गया। इसके बावजूद जिले में 12 से 14 वर्ष के बच्चों में टीकाकरण की रफ्तार गति नहीं पकड़ पा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 12 से 14 वर्ष के 58,437 बच्चों को टीकाकरण के लिए चिह्नित किया है।
16 मार्च से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अभी तक सिर्फ 26,331 बच्चों का ही टीकाकरण हो सका है, जबकि 32,106 बच्चे अभी टीकाकरण से अछूते है। वैक्सीनेशन प्रभारी डॉ. राकेश सचान ने बताया कि पहले टीकाकरण की रफ्तार धीमी थी, लेकिन दो सप्ताह में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी है। स्कूलों में परीक्षा, प्रैक्टिकल, छुट्टी या बच्चों के स्कूल में कम आने की वजह से थोड़ी परेशानी जरूर है। प्रधानाचार्यों से इस संबंध में बात कर जल्द अन्य बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
20 का आंकड़ा पूरा होने पर ही लगता टीका
50 शैया अस्पताल में वैक्सीनेशन कक्ष बना है। यहां पर 12 से 14 वर्ष के बच्चे टीका लगवाने आते हैं। अगर 20 बच्चे होते है तब ही उन्हें टीका लगता है। नहीं तो वापस घर को जाना पड़ता है। कुछ बच्चे स्कूल से छुट्टी होने के बाद टीका लगवाने पहुंच रहे है। गौरतलब है कि 20 बच्चे पूरे न होने जहां बच्चों को वापस कर दिया जाता है वहीं अगर 20 बच्चे पूरे हो जाते हैं तो उसके बाद वाले बच्चों को अगले दिन के लिए टरका दिया जाता है।
वैक्सीनेशन कक्ष में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : AURAIYA