औरैया। प्रचंड गर्मी में 44 डिग्री तापमान के साथ आठ से दस घंटे हो रही बिजली कटौती से लोग बुरी तरह बेहाल हैं। 24 घंटे में फाल्ट, तकनीकी खराबी व अन्य कई कारणों से हो रही कटौती रोजेदारों, किसान व छात्रों के लिए बड़ी परेशानी है। व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। हालात ये हैं कि लोग बिजली घरों पर पहुंच विरोध जता रहे हैं। इसके बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
औरैया शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में 29 बिजली घरों से आपूर्ति की जाती है। इनमें शहर व जिला मुख्यालय पर 24 घंटे जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 16 से 18 घंटे तक बिजली देने का शेड्यूल तय है। इसके बाद भी इन दिनों आठ से 10 घंटे बमुश्किल बिजली मिल रही है। जिससे घरों में लगे इनर्वटर भी जवाब दे रहे हैं। सुबह शाम की कटौती से बिजली आपूर्ति का संकट बना हुआ है।
अधीक्षण अभियंता औरैया केसी दोहरे ने कहा कि जिले में लोड अचानक बढ़ा है। जिसके कारण कटौती भी हो रही है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर खराब होने और तार टूटने समेत कई फाल्ट हो रहे है। जिससे कटौती हो रही है। विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि शेड्यूल के मुताबिक ही बिजली आपूर्ति हो।
औरैया शहर- शुक्रवार को मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण सुबह आठ बजे से 12 बजे तक चार घंटे बिजली की समस्या रही।
दिबियापुर- कस्बे में नगर पंचायत कार्यालय दिबियापुर, गांव गुमानी का पुरवा, रेलवे क्रॉसिंग के पास भगवती गंज में और गुंजन टाकीज चौराहे पर ट्रांसफॉर्मर फुंकने से बिजली गुल रही। लोगों को सिर्फ 24 घंटे में आठ घंटे बिजली मिली।
फफूंद- क्षेत्र में हो रहे फाल्ट और लोड अधिक होने के चलते हर आधे घंटे में ट्रिपिंग की समस्या है। जिससे छह से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है।
बिधूना- बिधूना कस्बे में पिछले चार दिन से बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। कस्बे के लोगों का कहना है कि 24 घंटे में 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
अयाना- बीहड़ क्षेत्र होने के कारण लोगों को कटौती होते ही जंगली जानवरों का खतरा बढ़ जाता है। करीब 10 घंटे हो रही कटौती से लोग पानी की समस्या को लेकर परेशान हैं।
अछल्दा- कस्बे में दो दिनं से सुबह और शाम को मिलाकर 10 घंटे के करीब कटौती हो रही है।
खेतों में खड़ी मूंग की नहीं हो रही सिंचाई
बिधूना। क्षेत्र के किसानों के मुताबिक इन दिनों मूंगफली, मूंग, उड़द के साथ जानवरों के चारे के लिए हरा चारा बोया गया है। इसमें पानी की जरूरत है। दिन में चार से पांच घंटे हो रही कटौती व लो वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। जिससे सिंचाई का संकट बना हुआ है। इसी तरह की समस्या, बेला, सहायल, सहार, बीहड़ के अजीतमल, अयाना आदि में है।
इलेक्ट्रानिक दुकानों व कारखानों पर पड़ रहा असर
बिजली की कटौती का सबसे ज्यादा असर इलेक्ट्रानिक दुकानों व कारखानों पर पड़ा है। जहां पर बिजली की जरूरत है। बिजली कटौती होने से दुकानों पर इलेक्ट्रानिक उपकरण ठीक नहीं हो पा रहे हैं। वहीं आटा, दाल, मसाला पिसाई चक्की, छोटे कारखाने व ऐसे गृह उद्योग जिन्हें बिजली की जरूरत है, वह कटौती होने से प्रभावित हैं।
बिजली लाइन में फाल्ट होने पर ठीक करते लाइनमैन। संवाद- फोटो : AURAIYA
बिधूना क्षेत्र के एक खेत में सिंचाई के अभाव में सूखी पड़ी मूंग की फसल। संवाद- फोटो : AURAIYA