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Auraiya News: तीन साल पहले का लक्ष्य अधूरा, अब 75 और राशन की दुकानें बनवानी होंगी

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- उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए घर से कुछ दूरी पर ही खुलवाई जा रहीं दुकानें
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- 2022 में 75 राशन की दुकानें बनवाने का मिला था लक्ष्य, सिर्फ 46 ही बनीं
फोटो-23 पुराने कलक्ट्रेट कार्यालय के पास स्थित जिला पूर्ति कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विभागीय जिम्मेदार ही शासन की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। उपभोक्ताओं को उनके घर के पास ही राशन मिल सके इसके लिए कम दूरी पर दुकानें खुलवाने की व्यवस्था है। वहीं, लापरवाही का यह नतीजा है कि तीन वर्ष पहले मिला लक्ष्य विभाग अभी तक पूरा नहीं कर पाया है, ऐसे में एक साल में 104 नई राशन की दुकानें कैसे बनवा पाएगा। विभागीय अधिकारी इसके लिए दिमागी कसरत करने में जुट गए हैं।
शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए जिला पूर्ति विभाग को 75 नई राशन की दुकानें बनाने का लक्ष्य दिया है। जिले में अभी इनकी संख्या 308 है, जो बाद में बढ़कर 383 हो जाएगी। दुकानें बढ़ने से लोगों को राशन लेने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना होगा, लेकिन ऐसा तब होगा, जब विभाग अपनी रणनीति में कुछ बदलाव करे। 2022 में भी विभाग को 75 नई दुकानें बनाने का लक्ष्य मिला था।
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तीन साल बीतने के बाद भी विभाग इनमें से सिर्फ 46 दुकानें ही शुरू करा पाया है। 29 दुकानें अभी शुरू होनी बाकी हैं। पिछली बार यह काम मनरेगा योजना से कराया गया था, जिसकी गति बहुत धीमी रही। ऐसा इसलिए, क्योंकि मनरेगा मजदूरों की हाजिरी में फर्जीबाड़ा सामने आता रहता है। एप पर मजदूरों की संख्या तो ज्यादा दिखाई जाती है, पर काम कम ही करते हैं।
ऐसे में कार्य पूरा होने में देरी होती है। इस बार भी मनरेगा को दुकानों के निर्माण कार्य में प्राथमिकता देने के निर्देश हैं, पर विभागीय अधिकारी इस बार यह काम मनरेगा से कराने के पक्ष में नहीं हैं। विभाग खुद ही इस काम को कराने की रणनीति बना रहा है, ताकि लक्ष्य तय समय में पूरा किया जा सके।
लगभग पांच करोड़ रुपये होंगे खर्च
एक राशन की दुकान बनाने में लगभग सात से आठ लाख रुपये का खर्च आता है। ऐसे में 75 दुकानों के निर्माण में पांच करोड़ से भी ज्यादा का खर्च आएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस कार्य के लिए पर्याप्त बजट है।
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वर्जन
75 नई दुकानें बनाने का लक्ष्य शासन से मिला है। पिछली बार मनरेगा योजना से कार्य कराया गया था, जो बहुत धीमी रफ्तार से चला। तय समय में लक्ष्य पूरा कैसे हो, इसके लिए कुछ बदलाव कर सकते हैं। अधिकारियों से बात की जा रही है, जल्द काम शुरू कराया जाएगा।-राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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